भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में दूसरा पदक मिल गया है. वेटलिफ्टिंग में गुरुराजा पुजारी ने कांस्य पदक हासिल किया. उन्होंने 61 किलो भारवर्ग में कुल 269 किलो वजन उठाया और तीसरे नंबर पर रहे. यह इन खेलों में भारत का दूसरा मेडल रहा. इससे पहले 55 किलो भारवर्ग में संकेत सारगर ने सिल्वर मेडल जीता था. भारत को दोनों मेडल वेटलिफ्टिंग में ही मिले हैं. गुरुराजा ने 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. तब उन्होंने 56 किलो कैटेगरी में हिस्सा लिया था.
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61 किलो कैटेगरी का गोल्ड मेडल मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने जीता. उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए कुल 285 किलो वजन उठाया. उन्होंने स्नैच में सबसे ज्यादा 127 और क्लीन एंड जर्क में 158 किलो वजन उठाया. पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारु 273 किलो वजन के साथ सिल्वर मेडल के हकदार बने.
क्लीन एंड जर्क में आगे निकले गुरुराजा
गुरुराजा स्नैच राउंड के बाद चौथे नंबर पर रहे थे. इस दौरान उन्होंने 115 और 118 किलो वजन उठाया. तीसरी कोशिश में 120 किलो वजन उठाने में नाकाम रहे. मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने 127 किलो वजन के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाया. क्लीन एंड जर्क में गुरुराजा ने 144 किलो वजन के साथ शुरुआत की. फिर 148 और 151 किलो वजन उठाया. तीसरी कोशिश के जरिए उन्होंने कनाडा के यूरी सिमार्ड को पछाड़कर कांस्य पदक की जगह पक्की की. सिमार्ड ने कुल 268 वजन उठाया और वह एक किलो से पीछे रह गए.
गुरुराजा कर्नाटक के कोलूर कस्बे के रहने वाले हैं. उनके पिता पिकअप ड्राइवर थे और ईंटें सप्लाई किया करते थे. गुरुराजा के आठ भाई-बहनें हैं. फिर एक एक्सीडेंट में गुरुराजा के पिता की गाड़ी पूरी तरह बर्बाद हो गई थी. ऐसे में गुरुराजा को उऩके कोच और जिम के साथियों ने वेटलिफ्टिंग में आगे बढ़ने में मदद की. इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और कई मेडल जीते.
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