नई दिल्ली। कैरिबियाई धरती पर भारत (Team India) के 19 साल के जांबाज खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में अपने नाम का डंका बजवा दिया. अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup Final) के फाइनल में इंग्लैंड को 4 विकेट से हराने के साथ ही भारत ने इस खिताब पर रिकॉर्ड सबसे अधिक 5वीं बार कब्जा किया है. इस तरह इंग्लैंड को हराने के बाद अंडर-19 टीम इंडिया के कप्तान यश धुल (Yash Dhull) ने कहा कि उन्हें अपने खिलाड़ियों पर काफी भरोसा था और कोचिंग स्टाफ में शामिल भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण, ऋषिकेश कानितकर जैसे महान लोगों से सीखना काफी लकी रहा.
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भारत ने फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को पहले घातक गेंदबाजी के दमपर 189 रनों पर समेट दिया. जिसमें भारत की तरफ से राज बावा ने 5 तो दिनेश बाना ने 4 विकेट चटकाए. इसके बाद शेख रशीद और निशांत सिंधू के अर्धशतकों की मदद से टीम इंडिया ने 190 रनों के लक्ष्य को 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
मैं भाग्यशाली हूं कि लक्षमण सर यहां हैं
ऐसे में जीत के बाद भारत के कप्तान यश धुल ने कहा, "मेरे लिए यह एक गर्व का पल है. इंडिया के लिए इस ट्रॉफ़ी को जीतना ख़ास रहा है. हम सभी खिलाड़ी और कोच ने हमारे कैंप में बढ़िया माहौल बना कर रखा था. हम ठंडे दिमाग से मैच में खेल रहे थे और हमें हमारे खिलाड़ियों पर हमें बहुत भरोसा है. इंग्लैंड ने मैच में बढ़िया वापसी की लेकिन निशांत और रशीद ने काफ़ी बढ़िया बल्लेबाज़ी की. हम लकी थे कि हमारे पास इतने महान कोच थे, जिसमें ऋषिकेश कानितकर,साईराज बहुतुले और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी शामिल थे.
कोरोना होने के बावजूद पीछे नहीं हटा भारत
बता दें कि वीवीएस लक्ष्मण बैंगलोर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के डायरेक्टर हैं, इस लिहाज से अंडर-19 टीम इंडिया के साथ वह भी वेस्टइंडीज दौरे पर गए हुए थे और वहां उन्होने इन खिलाड़ियों से काफी बातचीत की और उनकी हर कदम पर मदद की. यही कारण है कि भारत ने टूर्नामेंट के बीच में 6 खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी हार नहीं मानी और ख़िताब पर कब्जा जमाया. भारत ने पूरे टूर्नामेंट के सभी मैचों में जीत हासिल की और उसे कोई भी टीम नहीं हरा सकी.
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