नई दिल्ली। वेस्टइंडीज में खेल जा रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के खिलाड़ियों का हौसला कोरोना की एंट्री से भी टूटा नहीं है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले मैच में जीत दर्ज करने के बाद भारत के 6 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इसमें कप्तान यश धुल भी शामिल थे. लेकिन टीम इंडिया के खिलाड़ियों का दमदार अभियान पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और बाकी खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी उठाते हुए भारत के जीत के अभियान को जारी रखा. आयरलैंड को हराने के बाद पहले ही क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुकी टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने युगांडा के खिलाफ पहले बल्ले से कमाल दिखाया तो वहीं बाद में कप्तान निशांत सिंधु ने कमाल की गेंदबाजी की और 4 विकेट अपने नाम कर युगांडा के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. लेकिन जीत की नींव सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी और भारत के पूर्व क्रिकेट युवराज सिंह के बेटे राज बावा ने रखी. दोनों बल्लेबाजों ने 144 और 162 रनों की नाबाद पारी खेलकर सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर डाले. अंत में टीम के ऑलराउंड प्रदर्शन के चलते युगांडा के खिलाफ भारत ने 326 रनों से बड़ी जीत हासिल कर ली. इन दोनों बल्लेबाजों की पारी से भारत ने 50 ओवरों में पांच विकेट खोकर 405 रन बनाए हैं. जो भारत का अंडर-19 विश्व कप में अभी तक का दूसरा सर्वोच्च स्कोर है. इससे पहले भारत ने साल 2004 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 425 रन का सर्वोच्च स्कोर बनाया.
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भारत की खराब हुई थी शुरुआत
वेस्टइंडीज के तारौबा में खेले जाने वाले मैच में यूगांडा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और इसका भारतीय बल्लेबाजों ने जमकर फायदा उठाया. सलामी बल्लेबाजी करने आए हरनूर सिंह और अंगकृष रघुवंशी ने पारी की शुरुआत की लेकिन 15 के निजी स्कोर पर हरनूर आउट हो गए. उनका विकेट 40 रनों के कुल स्कोर पर गिरा. उनके बाद यश धुल की जगह टीम की कप्तानी कर रहे निशांत सिंधू भी 15 रनों से आगे अपनी पारी नहीं ले जा पाए. जिसके चलते भारत को 85 रन के स्कोर तक दो झटके लग चुके थे.
अंगकृष ने भी खेली 144 रनों की पारी
ऐसे में नंबर चार पर बल्लेबाजी करने आए राज बावा ने सलामी बल्लेबाजी करने आए अंगकृष के साथ भारत की पारी को आगे बढाया. इन दोनों ने मैदान के चारो और शानदार शॉट लगाना शुरू किया. इसका आलम यह रहा कि इन दोनों के बीच 206 रनों की तेज तर्रार साझेदारी हुई. जिसको तोड़ने में युगांडा के गेंदबाजों के पसीने छूट गई. इस दौरान अंगकृष ने 93 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया और 144 रनों के निजी स्कोर पर उनकी पारी का अंत हो गया. जिस दौरान उन्होंने 120 गेंदों का सामना किया और 22 चौके के साथ चार छक्के मारे.
14 साल पुराना धवन का रिकॉर्ड टूटा
ऐसे में अंगकृष के आउट होने के बाद राज बावा ने कमान संभाली और तूफानी बल्लेबाजी जारी रखी. उन्होंने सबसे पहले 69 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. उन्होंने 102 गेंदों पर अपने 150 रन छक्के के साथ पूरे कर डाले. हालांकि इसके बाद भी राज का बल्ला नहीं रुका और उन्होंने 108 गेंदों में 162 रनों की नाबाद पारी में 14 चौके और 8 छक्के बरसा डाले. जिसके चलते भारत ने 400 का आंकड़ा पार किया और राज ने शिखर धवन के 17 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ डाला. वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के सर्वोच्च स्कोरर बन गए हैं. उनसे पहले ये रिकॉर्ड धवन के नाम था. धवन ने 2004 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 155 रनों की पारी खेली थी.
आईपीएल में मिल सकती है एंट्री
बता दें कि राज बावा पंजाब से आते हैं और वह भारत के पूर्व स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह के बचपन के कोच सुखविंदर सिंह बावा के बेटे हैं. अपने उम्र के वर्ग में घरेलू क्रिकेट में धमाल मचाने के बाद राज का चयन अंडर-19 वर्ल्ड कप की टीम में हुआ था. ऐसे में आईपीएल की बड़ी नीलामी से पहले राज की यह तूफानी पारी दुनिया की सबसे बड़ी लीग में एंट्री भी करा सकती है. क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप में ही चमक कर पृथ्वी शॉ, शुबमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने का मौका मिला था. जिसके चलते राज पर भी कोई आईपीएल फ्रेंचाईजी अब महा नीलामी में बड़ा दांव खेल सकती है.
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