U19 World CUP: वर्ल्‍ड चैंपियन भारत के 11 बाहुबली, जिन्‍होंने रचा पांचवें खिताब का इतिहास, एक-एक के बारे में जानिए

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नई दिल्ली। अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup) के फाइनल मैच में टीम इंडिया (Team India) ने इंग्लैंड (England) को रौंदकर एकतरफा अंदाज से जीत हासिल की. इस तरह यश धुल (Yash Dhull) की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने भारत को रिकॉर्ड 5वीं बार खिताब जिताया. जिसमें भारत की तरफ से  सिर्फ कप्तान यश ही नहीं बल्कि उनकी टीम के सभी खिलाड़ियों ने दमदार योगदान दिया. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले मैच के बाद टीम इंडिया में कप्तान यश धुल सहित 6 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव (Covid Positive) पाए गए थ. इसके बावजूद खिलाड़ियों का मनोबल नहीं टूटा और उन्होंने विजयी क्रम जारी रखा. ऐसे में चलिए जानते हैं भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप तक फाइनल में पहुंचाने और खिताब जिताने वाली विनिंग टीम इंडिया के सभी 11 खिलाड़ियों के बारे में :-


यश धुल 
दिल्ली में जन्मे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी यश धुल की तुलना पहले से ही दिल्ली का 'लड़का' और भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली से की जा रही है, जिन्होंने साल 2008 में भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताया था. धुल ने टूर्नामेंट की शुरूआत में कोरोना पॉजिटिव हो गए थे लेकिन जब वह टीम में रहे तो निराश नहीं हुए हैं. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने तीन मैचों में 229 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में मैच जिताऊ 110 रनों की शतकीय पारी खेली. जिससे भारत फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच सका.

 

अंगकृष रघुवंशी
दिल्ली में ही जन्में अंगकृष रघुवंशी ने युगांडा के खिलाफ शतक और आयरलैंड के खिलाफ 79 रन की पारी खेली और टूर्नामेंट में 6 मैच में 278 रन बनाए जबकि स्पिन गेंदबाजी से दो विकेट भी हासिल किए. उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमता ने टीम को एक्स्ट्रा पैमाना दिया. जिससे टीम ने पांचवी बार यह गौरव हासिल किया.

 

हरनूर सिंह
जालंधर में जन्मे हरनूर सिंह ने आयरलैंड के खिलाफ 88 रनों की पारी खेली थी जब टीम इंडिया में कई खिलाड़ियों के कोविड-19 पोजिटिव होने के मामले थे. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में 100 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली थी. हालांकि टूर्नामेंट में वह इतनी अच्छी फॉर्म में नहीं नजर आए लेकिन भारत को अच्छी शुरूआत दिलाना उनका काम था जिसे उन्होंने अच्छी तरह निभाया.

 

शेख रशीद
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जन्में और टूर्नामेंट के सबसे बेस्ट खिलाड़ियों में से एक शेख रशीद का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में अपने शतक से चुकना उनकी बदकिस्मति थी, लेकिन मध्य क्रम में उनकी उपस्थिति टूर्नामेंट में भारत की सबसे अच्छी इंनश्योरेन्स पॉलिसी थी. जब टीम इंडिया 37 रन पर 2 विकेट से संघर्ष कर रही थी तब उन्होंने धुल के साथ मिलकर भारत को सेमीफाइनल में जीत दिलाई. उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में कोरोना संक्रमित होने के बावजूद तीन मैचों में 151 रन बनाए. जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 94 रनों की सर्वोच्च पारी शामिल है.

 

राज बावा 
हिमाचल में जन्में राज बावा में टीम इंडिया के स्टार बनने की क्षमता है. पूरे टूर्नामेट में उन्होंने 200 से अधिक रन बनाए हैं जिसमें एक शतक भी शामिल है और शुरूआती मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 47 रन देकर 4 विकेट चटका कर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बने थे. जबकि फाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ 5 विकेट लेकर रिकॉर्ड बनाया. इस तरह वह एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर भी हैं जो दाएं हाथ से गेंदबाजी तो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करता है. बावा ने युगांडा के खिलाफ 162 रनों की तूफानी पारी खेली थी, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेली गई अब तक की सर्वोच्च पारी है.  इतना ही नहीं फाइनल मैच में भी अपनी कहर बरपाती गेंदबाजी से 5 विकेट लेकर बावा ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर डाला. इस तरह बावा ने टूर्नामेंट में 6 मैच में 9 विकेट तो 252 रन बनाए.

 

राजवर्धन हैंगरगेकर
तुलजापुर महाराष्ट्र में जन्मे और टीम में उभरते हुए सितारों में से एक राजवर्धन हैंगरगेकर ने टीम में नीचे के क्रम में बल्ले से योगदान देकर खूब वाहवाही बटोरी हैं. हैंगरगेकर ने टूर्नामेंट में 5 विकेट लिए और आयरलैंड के खिलाफ कैमियो रूप में 39 रन तेजी से बनाए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल ही एक ऐसा मौका था जहां उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला, वरना उनका फॉर्म टीम के लिए असाधारण रूप से अच्छा रहा है.

 

निशांत सिंधु
17 साल की उम्र में ही निशांत सिंधु बल्ले और गेंद दोनों से क्रिकेट जगत को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. टूर्नामेंट में सिंधु ने 6 विकेट हासिल किए हैं और बल्ले से भी 90 रन बनाए हैं. इसके अलावा जब यश को कोरोना हुआ था तब भारत की कप्तानी भी इस खिलाड़ी ने ही संभाली थी और टीम इंडिया को जीत भी मिली थी.

 

दिनेश बाना
हरियाणा में जन्में विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश बाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में अपने विकेटकीपिंग से सबको प्रभावित किया. इस विकेटकीपर बल्लेबाज को टूर्नामेंट में ज्यादा बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला क्योंकि वह अंत में काफी नीचे बल्लेबाजी करने आते थे. यही कारण है कि वह बल्ले से सिर्फ 50 रन ही बना सके जबकि 10 बल्लेबाजों को अपने दस्ताने से शिकार भी बनाया.

 

कौशल तांबे
पुणे के ऊटुर गांव में जन्में कौशल तांबे उन कुछ खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने टूर्नामेंट का हर मैच खेला है. तांबे ने टूर्नामेंट में बल्ले से 31 रन बनाए हैं और टूर्नामेंट के बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट लिए हैं. जिसके चलते उनके नाम कुल 6 विकेट भी शामिल हैं.

 

विक्की ओस्तवाल
लोनावाला, महाराष्ट्र में जन्में और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवार्ड के प्रमुख दावेदारों में एक लेफ्ट आर्म स्पिनर विक्की ओस्तवाल भारत के अंडर-19 टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं. वह 12 विकेट के साथ टूर्नामेंट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और वह एशिया कप अंडर-19 के फाइनल में मैन ऑफ द मैच बने थे. इतना ही नहीं उन्होंने भारत की तरफ से हर मैच में विकेट चटकाए. जिसमें साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक मैच में लिए गए 5 विकेट भी शामिल हैं.

 

रवि कुमार 
कोलकता में जन्मे और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार ने अपने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से दिल जीता हैं. रवि टूर्नामेंट बाएं हाथ से गेंदबाजी करने के कारण तेज गेंदबाजों की पसंद थे और पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने  (वार्म-अप सहित) 10 से अधिक विकेट लिए हैं. रवि ने बांग्लादेश के खिलाफ क्वार्टरफाइनल उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल और फाइनल तीनों बड़े मैच में भारत को शुरूआती विकेट दिलाए. जिससे टीम इंडिया मैच में हमेशा हावी रही. यही कारण है कि इस गेंदबाजी की चर्चा चारों तरफ हैं. रवि ने टूर्नामेंट के 6 मैचों 10 विकेट चटकाए हैं.  

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