नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और उन्मुक्त चंद (Unmukt Chand) जैसे दिल्ली के खिलाड़ियों की परंपरा को आगे बढाते हुए यश धुल (Yash Dhull) ने इतिहास रच डाला है. वेस्टइंडीज में खेल गए अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup) के फाइनल मुकाबले में जैसे ही यश धुल की कप्तानी वाली अंडर-19 टीम इंडिया (Team India) ने इंग्लैंड (England) को हराया, भारत ने इस खिताब पर रिकॉर्ड 5वीं बार कब्जा जमा लिया. इससे पहले दिल्ली से ही आने वाले साल 2008 में विराट कोहली ने भारत ने को अंडर-19 वर्ल्ड कप जबकी उसके बाद साल 2012 में उन्मुक्त चंद ने अपनी कप्तानी में भारत को यह खिताब जिताया था. ऐसे में कोहली और उन्मुक्त चंद से तो सभी वाकिफ है लेकिन आखिर ये यश धुल कौन है और कब इन्होने बल्ला थामा, जिससे महज 19 साल का ये कप्तान भी अब वर्ल्ड चैंपियन बन गया है.
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आर्मी पेंशन से चलता है घर
दिल्ली के जनकपुरी से आने वाले यश धुल ने महज 11 से 12 साल की उम्र से ही बल्ला थाम लिया था और उसके बाद फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. जब वह 12 साल की उम्र के थे तभी क्लब क्रिकेट में अंडर-14 क्रिकेट खेला करते थे. उनके क्रिकेट के प्रति जुनून को देखकर यश धुल के पिता विजय धुल ने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरा फोकस अपने बेटे के गेम पर दिया. आर्थिक समस्याओं और तंगी में दादा, जो भारतीय सेना में रह चुके हैं उनकी पेंशन पर परिवार पर पलता है. यश के पिता ने बताया था कि हमने घर का खर्चा कमकर यश की प्रैक्टिस पर फोकस किया. यश दिनभर टीवी या फोन पर सिर्फ क्रिकेट मैच देखते हैं. उनका कोई रोल मॉडल नहीं है, लेकिन हर इंटरनेशनल प्लेयर को अपना हीरो मानते हैं. हालांकि यश के पिता पार्ट टाइम काम किया करते थे.
इस पारी से पहली बार सुर्खियों में छाए यश
किसी भी बच्चे का पहला गुरु उसकी मां को कहा जाता है और इस मामले में यश की मां ने भी उनका बखूबी साथ दिया. यश जब चार साल का था तभी से उन्होंने अपने बालक में क्रिकेट के प्रति लगन को पहचान लिया था. इसके बाद 12 साल की उम्र से उन्होंने दिल्ली अंडर-14 के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया और फिर अंडर-16 के लिए खेलते हुए पंजाब के खिलाफ जब यश ने 185 रनों की धमाकेदार पारी खेली. वहीं से उन्हें एक नई पहचान भी मिली.
कोरोना के चलते घर की छत पर शुरू हुई प्रैक्टिस
यश की तैयारी काफी शानदार जा रही थी लेकिन साल 2020 में कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते सभी मैदान बंद होने के बाद यश के पिता ने घर की छत पर ही नेट्स लगवा दिए. इस तरह यश की प्रैक्टिस जारी रही और वह वीडियो बनाकर अपने कोच से शेयर करते थे. उसके बाद जो भी कमी नजर आती थी उस पर काम शुरू कर देते थे. इस तरह तमाम मुसीबतों और दिन-रात की कड़ी लगन के बाद अब यश धुल का यश पूरी दुनिया में फ़ैल गया है.
आईपीएल नीलामी में मिल सकता है बड़ा तोहफा
अंडर-19 वर्ल्ड कप में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी यश ने हार नहीं मानी और दमदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 110 रनों की शानदार पारी खेली. जिससे टीम इंडिया ने फाइनल तक का सफर तय किया और विश्व विजेता बन सकी. ऐसे में यश की सफलता को ईनाम उन्हें आगामी आईपीएल 2022 की मेगा ऑक्शन में भी मिल सकता है. यश की बल्लेबाजी और कप्तानी स्किल्स को देखते हुए कोई न कोई फ्रेंचाईजी जरूर उन पर बड़ा दांव खेलना चाहेगी. यश ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से धमाल मचाते हुए 3 मैचों में 229 रन बनाएं.
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