नई दिल्ली। खेल कोई भी टोना टुटका और अजीबो-गरीब संयोग सामने निकलकर आते ही रहते हैं. इसी कड़ी में अब मिताली राज की कप्तानी में महिला टीम इंडिया की जीत का कनेक्शन सचिन तेंदुलकर के साथ जुड़कर सामने आया है. जो इस बात का बड़ा संकेत देता है कि अपने 23 साल के करियर में 6वीं बार वर्ल्ड कप खेलने वाली मिताली राज इस बार महिला टीम इंडिया के साथ आईसीसी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी लेकर वतन वापसी कर सकती है. ऐसे में क्या है वह महासंयोग और क्या हो उसके जीत के संकेत. जिसके चलते मिताली राज की किस्मत इस बार पलट सकती है और दो बार खिताबी मुकाबले के फाइनल में हारने वाली महिला टीम इंडिया ट्रॉफी लेकर सभी को चौंका सकती है.
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डेब्यू वनडे में जड़ा था शतक
दरअसल, साल 1999 में महिला टीम इंडिया के लिए वनडे डेब्यू मैच में आयरलैंड के खिलाफ मिताली राज ने 114 रन की शतकीय पारी खेली थी. जिसके चलते उन्होंने महिला टीम इंडिया में जगह बनाई और उसके बाद उन्होंने पहला वर्ल्ड कप साल 2000 में खेला. इसके बाद साल 2005 वर्ल्ड कप आते-आते मिताली लगातार अपने बल्ले से कहर बरपा रहीं थी. जिसके चलते उन्हें महिला टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था और अपनी कप्तानी में पहली बार उन्होंने टीम इंडिया को पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल तक भी पहुंचा दिया था. लेकिन उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 98 रन से जीत हासिल करके भारत को खिताब से दूर कर दिया था. इसके बाद मिताली ने साल 2009, 2013 और 2017 में होने वाले वर्ल्ड कप में भी कप्तानी की और पिछले आईसीसी वर्ल्ड कप 2017 में फिर से टीम इंडिया को फाइनल के दरवाजे तक पहुंचाया. मगर इस बार इंग्लैंड ने बाजी मारी और भारत के हाथ खिताब आते-आते रह गया.
सचिन और मिताली का ख़ास संयोग आया सामने
ऐसे में मिताली की तरह सचिन तेंदुलकर ने अभी अपने 24 साल के करियर में आईसीसी पुरुष वर्ल्ड कप के 6 एडिशन में हिस्सा लिया. जिसमें उन्हें अपनी बढती उम्र के कारण अंतिम वर्ल्ड कप माने जाने वाले साल 2011 में भारत की खिताबी जीत के रूप में ट्रॉफी को चूमने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. सचिन के आखिरी वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने घर में वर्ल्ड कप पर कब्जा जमकर दूसरी बार इस टूर्नामेंट में जीत हासिल की थी. इसी तरह 23 साल से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली मिताली राज भी अब अपने 6वें वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहीं हैं. जिसके चलते 39 साल की हो चुकी मिताली का ये अंतिम वर्ल्ड कप माना जा रहा है क्योंकि अगले वर्ल्ड कप तक उनकी उम्र करीब 43 साल की होगी. इससे साफ़ जाहिर है कि टी20 क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुकी मिताली इस वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट को भी अलविदा कह सकती है. हालांकि सचिन के जैसा संयोग उन्हें ट्रॉफी भी दिला सकता है.
मिताली के नाम रनों का अंबार
बता दें कि पुरुष क्रिकेट की दुनिया में जैसे भगवान् का दर्जा सचिन तेंदुलकर को कहा जाता है. ठीक उसी तरह महिला क्रिकेट का सचिन मिताली राज को भी लोफैंस कहते नजर आते रहते हैं. अपने 23 साल के करियर में मिताली कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर चुकी हैं. जबकि उनके नाम कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हैं. मिताली भारत के लिए अभी तक 225 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं. जिसमें उनके नाम 7623 रन दर्ज हैं. जबकि 12 टेस्ट मैचों में उनके नाम 699 रन दर्ज हैं. वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 89 मैच खेले और इसमें भी उनके नाम 2364 रन दर्ज हैं. ऐसे में बल्ले से कोहराम मचाने वाली मिताली के पास भी वर्ल्ड कप ट्रॉफी हाथ से उठाने के सपने को पूरा करने के लिए अंतिम मौका बचा है. जैसे सचिन के पास 2011 वर्ल्ड कप में अंतिम मौका था और उन्होंने इसमें अपना सब कुछ हासिल कर लिया था. इसी तरह मिताली भी अपने अंतिम वर्ल्ड कप को यादगार बनाना चाहेंगी.
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