टीम इंडिया सात साल में पहली बार एक के बाद एक टी20 सीरीज हारी, ब्रिस्टल में 9 विकेट की हार से दर्ज हुए कई शर्मनाक रिकॉर्ड

फरवरी 2019 के बाद यह पहली बार है जब भारत लगातार बाइलेटरल T20I सीरीज हारा है. इससे पहले उसे आयरलैंड में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था.

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इंग्लैंड ने भारत के ख‍िलाफ टी20 सीरीज जीती. (PC: Getty)

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इंग्लैंड ने भारत के ख‍िलाफ टी20 सीरीज जीती.

भारत ने लगातार दो टी20 सीरीज गंवा दी.

इंग्लैंड ने ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे T20I मैच में नौ विकेट से शानदार जीत हासिल करके भारत के खिलाफ अपनी पहली बाइलेटरल T20I सीरीज (दो या उससे ज़्यादा मैचों वाली) जीतकर इतिहास रच दिया. इस जीत के साथ हैरी ब्रूक की टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की ऐसी बढ़त बना ली, जिसे अब कोई नहीं तोड़ सकता (पहला मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था). यह दुनिया की सबसे मजबूत T20 टीमों में से एक के खिलाफ़ एक बड़ी उपलब्धि है. इस हार ने इस फॉर्मेट में भारत के हालिया संघर्ष को भी उजागर किया.

फरवरी 2019 के बाद यह पहली बार है जब भारत लगातार बाइलेटरल T20I सीरीज हारा है. इससे पहले उसे आयरलैंड में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था. पिछली बार ऐसा तब हुआ था जब भारत न्यूज़ीलैंड में 2-1 से हारा था और फिर 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में 2-0 से हार गया था. 


ब्रूक और सॉल्ट ने रचा इतिहास

इंग्लैंड ने 159 रन के लक्ष्य का शानदार पीछा किया. इसमें कप्तान हैरी ब्रूक और ओपनर फिल सॉल्ट के बीच नाबाद 146 रन की साझेदारी अहम रही. यह T20I इतिहास में भारत के खिलाफ चौथी सबसे बड़ी साझेदारी है और सफल रन-चेज़ में अब तक की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक है. ब्रुक 79 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि सॉल्ट ने 59 रन की नाबाद पारी खेली. इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और 37 गेंदें शेष रहते जीत दर्ज की. 


भारत की सबसे बड़ी हार

T20I में गेंदों के अंतर से भारत की यह तीसरी सबसे बड़ी हार है. भारत को इंग्लैंड ने 37 गेंद रहते हरा द‍िया. इससे पहले 2008 में ऑस्ट्रेलिया ने 52 गेंद रहते और 2025 में एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया ने ही 40 गेंद शेष रहते भारत को हरा द‍िया था. इंग्लैंड के ख़िलाफ किसी भी फॉर्मेट की बाइलेटरल सीरीज में भारत को पिछली दो हार 2018 के दौरे पर मिली थीं (वनडे में 2-1 से और टेस्ट में 4-1 से). उसके बाद से मौजूदा सीरीज से पहले तक उन्होंने 10 में से आठ सीरीज जीती थीं, जबकि उस देश में खेली गई पिछली दो टेस्ट सीरीज ड्रॉ पर खत्म हुई थीं. 

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