रोहित शर्मा का 'हिटमैन' तेवर ही बना सबसे बड़ा दुश्मन! क्या इंग्लैंड में ही टूट जाएगा 2027 वर्ल्ड कप का सपना ?

Hitman's ODI Future: रोहित शर्मा की खराब फॉर्म और बदलते बल्लेबाजी अंदाज को लेकर इंग्लैंड दौरे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. लगातार दो वनडे मैचों में बड़ी पारी नहीं खेलने के बाद उनके भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप में खेलने की संभावनाओं पर सवाल उठने लगे हैं.

Profile

SportsTak

अपडेट:

google-icon
Rohit Sharma of India

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा

Story Highlights:

इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा की फॉर्म सवालों के घेरे में

इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा खेल सकते हैं करियर का आखिरी मैच

Rohit Sharma retirement: टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे पर दो वनडे मैच क्या खेले कि रोहित शर्मा को लेकर शोर और हल्ला अपने चरम पर आ गया है. रोहित शर्मा इंग्लैंड दौरे पर धीमे खेलते नजर आए और उनका बल्ला खामोश रहा तो मीडिया में रिपोर्ट सामने आई कि रोहित का इंग्लैंड दौरे पर ही वर्ल्ड कप 2027 खेलने का सपना बिखर जाएगा और लॉर्ड्स के मैदान पर होने वाला सीरीज का तीसरा वनडे उनके करियर का आखिरी हो सकता है. अब चलिए जानते हैं कि रोहित शर्मा के संन्यास की चर्चा अचानक इतनी तेज क्यों हो गई और जिस 'हिटमैन' अवतार से उन्होंने दुनिया पर राज किया, वही शायद अब उनके करियर के खत्म होने की वजह भी बनता नजर आ रहा है.

साल 2021 तक रोहित शर्मा का अलग था स्टाइल

टीम इंडिया के लिए साल 2007 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले रोहित शर्मा ने लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी करना शुरू किया और लगभग हर नंबर पर बैटिंग करते हुए उन्होंने धोनी की कप्तानी में खुद को ओपनर के तौर पर साबित किया. लेकिन रोहित तब 'हिटमैन' नहीं बने थे. उन्होंने भारतीय क्रिकेट में ओपनिंग में आकर चौके-छक्के बरसाने की कला को देर से अपनाया और देखते ही देखते वह विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग की याद दिलाने लगे. रोहित शर्मा साल 2021 तक काफी धीमे खेलते रहे, लेकिन आधुनिक क्रिकेट की बढ़ती तेजी के साथ उन्होंने खुद को ढाला और 2021 के बाद वह 'हिटमैन' अवतार में वर्ल्ड क्रिकेट पर छा गए.

2021 से 2025 तक विस्फोटक अंदाज से खेले रोहित

साल 2021 से पहले रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट के पावरप्ले में 70 से 75 की स्ट्राइक रेट से खेलते थे और बाद में गियर बदलकर लंबी पारियां खेलते थे. उनके तीनों दोहरे शतक साल 2021 से पहले ही आए. 2021 के बाद रोहित ने ताबड़तोड़ रुख अपनाया और पहले दस ओवर में वह करीब 122 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने लगे थे. रोहित का यह तेवर सभी फैंस को काफी पसंद आया और उनका 'हिटमैन' स्टाइल काफी हिट हो चला था. रोहित अब शुरुआत से ही विरोधी टीम पर बरसने लगे थे और फैंस उनसे लंबी नहीं, बल्कि विस्फोटक पारी देखने के आदी हो गए. रोहित ने यही तेवर साल 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने तक जारी रखा और गौतम गंभीर की कोचिंग में आईसीसी ट्रॉफी जीतते ही रोहित के लिए सब कुछ बदल गया. साल 2021 से लेकर 2025 तक रोहित ने 49 मैच खेले और 48 पारियों में 46 की औसत से 2,253 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 115 का रहा और उन्होंने तीन शतक जबकि 15 अर्धशतक जड़े.

चैंपियंस ट्रॉफी से बदला सब कुछ

गौतम गंभीर ने साल 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच का पद संभाला. इस दौरान टीम इंडिया ने सिर्फ तीन वनडे मैच खेले और उसके बाद गंभीर के रहते 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी जीता. अब 2025 के बाद रोहित का अगला टारगेट हर हाल में 2027 वर्ल्ड कप खेलना था. मगर इससे पहले 2025 में ही रोहित को वनडे कप्तानी से हटा दिया गया और उनकी जगह शुभमन गिल नए कप्तान बने. कप्तानी जाने के बाद रोहित 'हिटमैन' वाले अवतार में भी नजर नहीं आए. 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से अभी तक रोहित शर्मा 14 वनडे मैच खेल चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट गिरकर 92 का रह गया है, जिसके चलते उनके बल्ले से 589 रन आए हैं. यानी पिछले दो साल से वह अपने 'हिटमैन' वाले तेवर में खुलकर नहीं खेल सके हैं.

भारत को ODI सीरीज के बीच झटका, स्टार खिलाड़ी चोटिल, आखिरी मैच से होगा बाहर!

क्या रोहित का स्ट्राइक रेट ही है असली कारण?

रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में शायद गेम को एंजॉय करने से ज्यादा अब टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. बीते दो सालों में उनकी बल्लेबाजी का स्ट्राइक रेट गिरना भी इस बात का एक उदाहरण है. साल 2026 में तो रोहित और भी धीमे हो चुके हैं. इस साल रोहित शर्मा का स्ट्राइक रेट सिर्फ 86 का है, जो उनके विस्फोटक ओपनर बनने से पहले, यानी साल 2021 के आसपास हुआ करता था. शायद यही कारण है कि उनका विस्फोटक अंदाज जब गायब हो गया है तो टीम इंडिया का मैनेजमेंट अब उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को लाना चाहता है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने 21 गेंदें खेलीं और सिर्फ 11 रन ही 52 के स्ट्राइक रेट से बना सके थे. जबकि दूसरे वनडे मैच में उन्होंने 47 गेंदें खेलीं और उनके बल्ले से 26 रन निकले, जिसमें सिर्फ एक चौका और एक छक्का शामिल था. यही कारण है कि जिस 'हिटमैन' अवतार से उन्होंने दुनिया जीती, शायद वही अब उनके करियर के खत्म होने का कारण भी बन सकता है.

रूट 99 पर अटके मगर इंग्लैंड को दिलाई जीत, टीम इंडिया को 4 विकेट से मिली मात

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share