शुभमन गिल ने ODI को 40 ओवर का करने के प्लान को किया खारिज, क्रिकेट बचाने को दिया यह सुझाव

वनडे क्रिकेट की घटती लोकप्रियता को फिर से बढ़ाने के लिए 50 की जगह 40 ओवर का खेल करने पर विचार हो रहा है. इस बारे में आईसीसी की मीटिंग में भी चर्चा हुई लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है.

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शुभमन गिल 2025 में भारत के वनडे कप्तान बने थे. (Photo: Getty)

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हालिया समय में बड़ी टीमों के ट्राई सीरीज में खेलने की संख्या घटी है.

90 के दशक और 2000 के शुरुआत में काफी त्रिकोणीय वनडे सीरीज हुआ करती थी.

वनडे क्रिकेट की घटती लोकप्रियता के बीच इस फॉर्मेट को 50 ओवर की जगह 40 का करने पर विचार हो रहा है. लेकिन भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल इससे सहमत नहीं हैं. उन्होंने वनडे को 40 ओवर का करने के प्लान को खारिज किया. उन्होंने इसकी जगह दूसरा सुझाव दिया. शुभमन गिल चाहते हैं कि फिर से त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय सीरीज कराई जाए. इससे फैंस में रुचि बढ़ेगी. उन्होंने इंग्लैंड के साथ तीन वनडे की सीरीज के आगाज से पहले यह बयान दिया.

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टी20 क्रिकेट के उभार के साथ वनडे में लोगों की दिलचस्पी घटी है. इसकी लंबी अवधि के चलते कई देशों में स्टेडियम खाली रहते हैं. साथ ही टीवी व डिजिटल स्ट्रीमिंग के दौरान भी व्यूअरशिप कम हुई है. ऐसे में बात चल रही है कि वनडे क्रिकेट में 50 की जगह 40 ओवर का ही खेल कर दिया जाए. इस संबंध में आईसीसी की हालिया सालाना मीटिंग में चर्चा हुई थी. हालांकि कोई फैसला नहीं लिया गया.

शुभमन गिल ने वनडे क्रिकेट के भविष्य पर क्या कहा

गिल ने 50 ओवर क्रिकेट के भविष्य को लेकर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसे 40 ओवर का करना चाहिए. पहले हम बहुत त्रिकोणीय सीरीज खेला करते थे और उन्हें देखने में काफी मजा आता था. हम ऑस्ट्रेलिया में खेलते थे. तब केवल एक टीम से ही मुकाबला नहीं होता था. दो अलग-अलग टीम खेलने को मिलती थी. इसलिए मुझे लगता है कि इस फॉर्मेट को दिलचस्प बनाना है तो द्विपक्षीय सीरीज की जगह हमें त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय सीरीज करानी चाहिए.' 

इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया में होती थी लोकप्रिय त्रिकोणीय सीरीज

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में पहले हर साल गर्मियों में त्रिकोणीय सीरीज होती थी. इंग्लैंड में नेटवेस्ट ट्रॉफी इसका उदाहरण रही है तो ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज. इनमें मेजबान टीमों के साथ ही दो विदेशी टीमें हुआ करती थी. इनके अलावा भी भारत, श्रीलंका, कनाडा, मलेशिया, यूएई जैसे देशों में कई त्रिकोणीय सीरीज हुई हैं जो काफी रोचक रही हैं. इनमें कोका कोला कप, कॉम्पेक कप, बेंसन एंड हेजेज ट्रॉफी शामिल है. इनके बारे में आज भी बात की जाती है. ऑस्ट्रेलिया में आखिरी सीबी सीरीज 2011-12 में हुई थी. इंग्लैंड में आखिरी नेटवेस्ट ट्रॉफी 2005 में खेली गई थी.

हालिया समय में बड़ी टीमों के ट्राई सीरीज में खेलने की संख्या घटी है. साथ ही द्विपक्षीय वनडे सीरीज भी ज्यादातर तीन मैच की ही रहती है. अब बहुत कम टीमें पांच वनडे एक सीरीज में खेलती हैं. इनकी जगह अब टी20 सीरीज के मैचों की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई है. इसके पीछे ज्यादा रेवेन्यू भी एक कारण है.

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