टीम इंडिया के 360 रन बनाने के बावजूद मैच हारने, छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों और एक ऑलराउंडर के साथ उतरने तथा चार तेज गेंदबाज खिलाने के फैसले पर चर्चा की गई। सूखी पिच पर स्पिन गेंदबाजी का विकल्प नहीं चुनने, बीच के ओवरों में विकेट न मिलने और कम अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले गेंदबाजों को एक साथ उतारने पर सवाल उठाए गए। वनडे टीम में आठवें नंबर तक बल्लेबाजी रखने और अंतिम आठ ओवरों में 93 रन का बचाव नहीं कर पाने का मुद्दा भी शामिल रहा।
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