भारतीय टीम इस समय वेस्ट इंडीज के खिलाफ पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज में बिजी है, जहां वो 2-1 से आगे है. सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के लंबे दौरे पर निकलेगी. जहां उसे पांच टी20, इतने ही वनडे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. भारत के लिए यह एक रोमांचक और मुश्किल दौरा होने वाला है. न्यूजीलैंड की टीम हमेशा ही उसके लिए एक कड़ी चुनौती रही है और अब तो वहां का मौसम भी भारतीय टीम की फील्डिंग के लिए बड़ी चुनौती बनने वाली है. न्यूजीलैंड दौरे पर भारत की फील्डिंग की कमजोरियों की एक और कड़ी परीक्षा हो सकती है. भारत की फील्डिंग पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं. वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज के दौरान भी फील्डिंग भारत की कमजोरी नजर आई और अब न्यूजीलैंड का अनजान मौसम पहले से ही चिंताजनक स्थिति को और मुश्किल बना सकता है. जहां भारत ने बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, वहीं फील्डिंग में उनका उतार-चढ़ाव लगातार चिंता का विषय बना हुआ है. साथ ही न्यूज़ीलैंड के ठंडे और तेज हवाओं वाले वसंत के मौसम के हिसाब से खुद को ढालने की चुनौती के कारण अब और गलतियों की गुंजाइश हो सकती है. पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने भी इसे लेकर चेतावनी दी है.
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टीम इंडिया का T20I में हालिया फील्डिंग परफॉर्मेंस (2025 से)
पिछले 50 T20I मैचों में टीम इंडिया को फील्डिंग करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.
- • कैच छोड़े गए: 79
- • मिसफील्ड: 168
- • रन-आउट के मौके चूके: 95
- • ओवरथ्रो: 10
- स्टंप से चूके: 4
इस साल किस टीम के खिलाफ कितने कैच छोड़े
इस साल जून के बाद से भारतीय टीम ने इंटरनेशनल मैचों में कुल 28 कैच छोड़े हैं. अफ़गानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में चार, अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में एक, आयरलैंड में दो T20I मैचों में छह, इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज में पांच, इंग्लैंड के खिलाफ़ वनडे मैचों में दो और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ तीन T20I मैचों में 10 कैच छोड़े. इस दौरान कैच पकड़ने की कुल क्षमता (एफ़िशिएंसी) 76.8 प्रतिशत रही, जो बहुत अच्छी नहीं है. इस साल टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 13 कैच छोड़े थे. भारत की कैच पकड़ने की क्षमता 71.7 प्रतिशतक प्रतिशत थी, जो सुपर आठ में सबसे कम थी.
- अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट; 4
- अफगानिस्तान के खिलाफ तीन वनडे- 1
- आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैच- 6
- इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मैच- 5
- इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैच- 2
- जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच- 10
पिछले साल एशिया कप में लगातार पांच मैचों में भारत ने 12 कैच छोड़ दिए थे. सुपर फोर में पाकिस्तान के ख़िलाफ छह विकेट से मिली जीत के दौरान भी भारत ने चार कैच छोड़े थे. उसके अगले मुकाबले में बांग्लादेश के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी सैफ हसन को भारत ने चार बार (40, 65, 66 और 67 रन के स्कोर पर) जीवनदान दिया. एशिया कप में भारत की कैच पकड़ने की क्षमता 67.6 प्रतिशत थी (25 में से 12 कैच छूटे). आठ टीमों में वे सिर्फ़ हांगकांग से ही आगे थे. पिछले साल फरवरी में भारत ने ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी का फाइनल जीता, जिसमें टीम ने चार कैच छोड़े थे.
इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान भी भारत ने पांच मैचों में 23 कैच छोड़े थे. यह किसी सीरीज में उनके द्वारा छोड़े गए कैच की सबसे ज़्यादा संख्या है, जो 2018/19 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर छोड़े गए कैच से सात ज़्यादा है. इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में भारत की कैच लेने की क्षमता 66.2 प्रतिशत थी, क्योंकि उन्होंने 45 में से 23 कैच छोड़े. इंग्लैंड की कैच लेने की क्षमता 78.5 प्रतिशत थी.
न्यूजीलैंड के सामने चुनौती
भारत में अक्टूबर का मौसम असामान्य रूप से गर्म रहा है, क्योंकि इक्वेटोरियल पैसिफिक में अल नीनो की स्थिति बन रही है और यह दुनिया भर के मौसम के पैटर्न पर असर डाल रही है. वहीं न्यूजीलैंड में वसंत का मौसम होगा, जब तापमान कम रह सकता है, हवाएं तेज चल सकती हैं और मौसम तेजी से बदल सकता है. गर्म मौसम में खेलने के आदी भारतीय खिलाड़ियों के लिए ठंड के हिसाब से खुद को ढालना खास तौर पर अहम हो सकता है, खासकर तब जब वे मुश्किल कैच लेने की कोशिश कर रहे हों या बल्लेबाज के करीब फील्डिंग कर रहे हों. श्रीधर ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुझे लगता है कि हमारे फील्डर्स को खुद को ढालना होगा। जैसा कि आप जानते हैं, इस साल भारत में अक्टूबर का महीना बहुत गर्म रहा है, जिसकी वजह अल नीनो - सुपर अल नीनो - है. इसलिए हमारे फील्डर्स, बॉलर्स और बैटर्स को खुद को काफी हद तक ढालना होगा.
वेलिंगटन में तेज हवा तो क्राइस्टचर्च में ठंडा मौसम
न्यूजीलैंड में फील्डर्स के लिए हालात काफी मुश्किल हो सकते हैं. वेलिंगटन अपनी तेज़ हवाओं के लिए जाना जाता है, जबकि क्राइस्टचर्च में वसंत के मौसम में सुबह और शाम काफी ठंड हो सकती हैं. ऊंचे कैच, जिनमें खिलाड़ियों को हवा का ध्यान रखते हुए गेंद के रास्ते का अंदाज़ा लगाना होता है, एकाग्रता और तकनीक की बड़ी परीक्षा बन सकते हैं. क्राइस्टचर्च के हैगले ओवल में हरे-भरे आउटफ़ील्ड और ठंडे मौसम की वजह से खिलाड़ियों को ओवरों के बीच अलग तरह से तैयारी करनी पड़ सकती है. श्रीधर का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों को व्यावहारिक बदलाव करने होंगे, ताकि ठंड का असर गेंद को संभालने पर ना पड़े. तापमान गिरने पर हाथों को गर्म रखना और हर गेंद के बीच तैयार रहना खास तौर पर ज़रूरी हो सकता है.
भारत के न्यूजीलैंड दौरे का पूरा शेड्यूल
टी20 सीरीज का शेड्यूल
| तारीख | मैच | वेन्यू | समय |
| गुरुवार, 22 अक्टूबर | पहला T20I | हेगले ओवल, क्राइस्टचर्च | दोपहर 12.30 बजे |
| शनिवार, 24 अक्टूबर | दूसरा T20I | हेगले ओवल, क्राइस्टचर्च | दोपहर 12.30 बजे |
| मंगलवार, 27 अक्टूबर | तीसरा T20I | हेनरी स्टेडियम, वेलिंगटन | दोपहर 12.30 बजे |
| शुक्रवार, 30 अक्टूबर | चौथा T20I | ईडन पार्क, ऑकलैंड | दोपहर 12.30 बजे |
| रविवार, 1 नवंबर | पांचवां T20I | सेडन पार्क, हैमिल्टन | दोपहर 12.30 बजे
|
वनडे सीरीज का शेड्यूल (5 ODI Matches)
| मैच | तारीख और दिन | स्थान (वेन्यू) |
|---|---|---|
| पहला वनडे | 04 नवंबर 2026 (बुधवार) | ईडन पार्क, ऑकलैंड |
| दूसरा वनडे | 07 नवंबर 2026 (शनिवार) | स्काई स्टेडियम, वेलिंगटन |
| तीसरा वनडे | 10 नवंबर 2026 (मंगलवार) | सेडन पार्क, हैमिल्टन |
| चौथा वनडे | 13 नवंबर 2026 (शुक्रवार) | बे ओवल, माउंट माउंगानुई |
| पांचवां वनडे | 15 नवंबर 2026 (रविवार) | बे ओवल, माउंट Maunganuai |
टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
| मैच | तारीख और दिन | स्थान (वेन्यू) | भारतीय समयानुसार (IST) |
|---|---|---|---|
| पहला टेस्ट | 19 नवंबर – 23 नवंबर 2026 (गुरुवार - सोमवार) | बेसिन रिजर्व, वेलिंगटन | सुबह 3:30 बजे |
| दूसरा टेस्ट | 27 नवंबर – 01 दिसंबर 2026 (शुक्रवार - मंगलवार) | हैगले ओवल, क्राइस्टचर्च | सुबह 3:30 बजे |
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