भारत के सामने पेट खराब होने पर भी ठोकी फिफ्टी, 10 साल बाद साउथ अफ्रीका का बना काल, 272 रन बनाए, लिया पहला टेस्ट विकेट

Shakti Shekhawat

Shakti Shekhawat

अपडेटेड:

google-icon
मैट रेनशॉ (बीच में). (Photo: Getty)
मैट रेनशॉ (बीच में). (Photo: Getty)

Story Highlights:

मैट रेनशॉ ने पहला टेस्ट शतक 2016 में लगाया था और दूसरा अब 2026 में बनाया.

मैट रेनशॉ तीन साल तक बाहर रहने के बाद अगस्त 2026 में ही ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम में वापस आए थे.

मैट रेनशॉ ने 2017 के भारत दौरे पर पहले दो टेस्ट में काफी अच्छी बैटिंग की थी.

ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के सामने पहले टेस्ट में जीत के लिए 421 रन का लक्ष्य रखा. उसने मैट रेनशॉ की शानदार बैटिंग के बूते मेजबान के सामने एक पहाड़ सा टारगेट खड़ा किया. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने इस टेस्ट में पहली पारी में 190 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में 82 रन बनाए और कुल 272 रन जुटाए. प्रोटीयाज टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक 102 रन बना लिए थे मगर उसके चार विकेट भी गिर गए. लेकिन इस मुकाबले के हीरो अभी तक मैट रेनशॉ ही रहे हैं. वे तीन साल तक बाहर रहने के बाद अगस्त 2026 में ही वापस आए थे. अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट से ही उन्होंने उपयोगिता साबित कर दी.

रेनशॉ ने नवंबर 2016 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ एडिलेड टेस्ट से ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया था. कुछ महीनों बाद वे भारत दौरे पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में खेले. पुणे में हुए पहले टेस्ट में उन्होंने ओपनिंग करते हुए 68 रन की अर्धशतकीय पारी खेली. मैच के नतीजे के लिहाज से यह रन काफी अहम रन रहे. स्पिन की मददगार पिच पर ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव ओ'कीफ के कुल 12 विकेटों के दम पर भारत को 333 रन से हराकर धमाका कर दिया था. रेनशॉ ने जो अर्धशतकीय पारी खेली उस दौरान उनका पेट खराब हो गया था. उन्हें हल्का होने के लिए ड्रेसिंग रूम भागना पड़ा था और वे रिटायर हर्ट हो गए थे. उनकी इस बात के लिए आलोचना भी हुई थी. रेनशॉ ने उस सीरीज के दूसरे टेस्ट में भी फिफ्टी लगाई थी और तीसरे में भी 44 रन की पारी खेली थी. हालांकि भारत ने पहले टेस्ट की हार से वापसी करते हुए 3-1 से सीरीज अपने नाम की थी. 

भारत दौरे के बाद सूखे रेनशॉ के रन और टीम से बाहर

भारत के खिलाफ सीरीज के बाद रेनशॉ के रन ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम के लिए सूख गए. उन्हें 2018 में साउथ अफ्रीका दौरे के बाद ड्रॉप कर दिया गया. 2023 में प्रोटीयाज टीम के साथ घरेलू सीरीज से पांच साल बाद वापसी हुई. फिर भारत दौरे पर आए और दो टेस्ट खेले मगर दो रन से ज्यादा नहीं बना पाए. नतीजतन बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. उसके बाद अब जाकर उनकी वापसी हो सकी है. अब एक बार फिर से अगले साल ऑस्ट्रेलिया को भारत का दौरा करना है और एक बार फिर से रेनशॉ का खेलना तय माना जा रहा है. 

रेनशॉ ने 10 साल के अंतराल में  लगाया टेस्ट शतक

रेनशॉ को अब पहले से बेहतर खिलाड़ी माना जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया की वर्तमान टेस्ट टीम में स्टीव स्मिथ के बाद वे ही स्पिन के सबसे अच्छे खिलाड़ी बताए जा रहे हैं. 30 साल के रेनशॉ ने साउथ अफ्रीका के सामने डरबन टेस्ट के जरिए अपनी उपयोगिता साबित की है. वे मिडिल ऑर्डर में खेलने उतरे. पहली पारी में वे जब बैटिंग को आए तब स्कोर तीन विकेट पर 84 रन था जो जल्द ही चार विकेट पर 84 रन हो गया. वहां से उन्होंने एक छोर थामा और 397 गेंद खेलते हुए 21 चौकों व एक छक्के से 190 रन बनाए. इस दौरान मार्को यानसन, एनरिक नॉर्किया की पेस को झेला तो केशव महाराज व साइमन हार्मर की स्पिन को भी खेला. उनके शतक से ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में चला गया. रेनशॉ का यह टेस्ट में 10 साल बाद दूसरा शतक था. इससे पहले उन्होंने 2016 में पाकिस्तान के सामने सैकड़ा बनाया था.

रेनशॉ ने बैट के बाद बॉल से मचाई धूम

रेनशॉ ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में बैटिंग से धूम मचाने के बाद बॉलिंग में भी कमाल किया. उन्होंने मेजबान कप्तान टेम्बा बवुमा का विकेट लिया. अपनी फिरकी से उन्होंने इस बल्लेबाज को शॉर्ट लेग पर निक मेडिनसन के हाथों कैच कराया. यह रेनशॉ का टेस्ट क्रिकेट में पहला विकेट रहा. हालांकि उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 20 विकेट ले रखे हैं.

रेनशॉ को संयोग से मिला मिडिल ऑर्डर में खेलने का मौका

रेनशॉ को साउथ अफ्रीका के सामने पहले टेस्ट में पांचवें नंबर पर बैटिंग का मौका भी संयोग से मिला. कैमरन ग्रीन की चोट ने उनके लिए रास्ता खोला. ऐसा नहीं हुआ होता तो वे ओपनिंग कर रहे होते. ऑस्ट्रेलिया ने डरबन में निक मेडिनसन की वापसी कराई और उन्हें ट्रेविस हेड के साथ ओपनिंग को भेजा. रेनशॉ ने करियर में अधिकतर समय ओपनिंग ही की है और बहुत कम मौकों पर मिडिल ऑर्डर में उतरे हैं. अभी यह बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में भी नीचे खेल रहा है. वहां पर वे फिनिशर की भूमिका में हैं और ग्लेन मैक्सवेल के रोल को निभाने की कोशिश में लगे हुए हैं. 

रेनशॉ अभी तक ऑस्ट्रेलिया के लिए 16 टेस्ट, 15 वनडे और नौ टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं. वनडे टीम में तो उन्हें पिछले ही साल मौका मिला था और टी20 में इसी साल डेब्यू किया था. अब वे गिने-चुने नामों में से हैं जो ऑस्ट्रेलिया के ऑल फॉर्मेट खिलाड़ी हैं. साउथ अफ्रीका के सामने वर्तमान प्रदर्शन के जरिए वे न केवल अगले साल होने वाले भारत दौरे बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिहाज से भी अहम हो गए हैं. फिर साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे की मेजबानी में ही वनडे वर्ल्ड कप भी होना है.

इंग्लिश कोचिंग स्टाफ में CSK के 3 सूरमा शामिल, सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट का भी ऐलान