वैभव सूर्यवंशी ने प्लेयर ऑफ दी सीरीज बनने के बाद जाहिर की मन की बात, बोले- जब T20 खेलता हूं...

वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के साथ टी20 सीरीज के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली थी. लेकिन जिम्बाब्वे के सामने उनका बल्ला बोला और सबसे ज्यादा रन बनाए.

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वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में तूफान मचाया था. (Photo: AFP)

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सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के सामने तीन में से दो मैचों में अर्धशतक लगाए.

सूर्यवंशी ने प्लेयर ऑफ दी मैच बनने के बाद अपने खेल के बारे में बात की और बताया कि वे किस माइंडसेट के साथ खेलते हैं.

वैभव सूर्यवंशी भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज में प्लेयर ऑफ दी सीरीज बने. उन्होंने इसमें तीन पारियों में 151 रन बनाए. वे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. वैभव का यह प्रदर्शन इंग्लैंड के सामने डेब्यू सीरीज में नाकामी के बाद आया. उन्होंने इसके जरिए दिखाया कि क्यों उन्हें टीम इंडिया में 15 साल की उम्र में जगह दी गई है. सूर्यवंशी ने प्लेयर ऑफ दी मैच बनने के बाद अपने खेल के बारे में बात की और बताया कि वे किस माइंडसेट के साथ खेलते हैं.

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सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के सामने तीन में से दो मैचों में अर्धशतक लगाए. आखिरी मुकाबले में 81 रन की पारी खेली. यह उनका टी20 इंटरनेशनल में सर्वोच्च स्कोर रहा. सूर्यवंशी को इसके लिए प्लेयर ऑफ दी मैच व सीरीज दोनों अवार्ड मिले. उन्होंने मैच के बाद कहा, 'मैं जब टी20 क्रिकेट खेलता हूं तब जो मेरा खेल होता है वही यहां पर भी रहता है. मैं टीम के लिए यही करने की कोशिश कर रहा था. तीनों मैच में मैंने टीम को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की. अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिलती है तो कोशिश करता हूं कि बड़ी पारी खेलूं. मैं इसी तरह से खेलता हूं.'

सूर्यवंशी को अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलने का हुआ फायदा

सूर्यवंशी ने आखिरी टी20 मुकाबले में आठ चौकों व चार छक्कों से सजी पारी खेली. उनकी सीरीज में औसत 50 से ऊपर रही और स्ट्राइक रेट 200 के करीब थी. इससे पहले इंग्लैंड के सामने यह बल्लेबाज 14, 13 और 15 रन की पारी खेल सका था. सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें कुछ महीनों पहले अंडर 19 वर्ल्ड कप जिम्बाब्वे में खेलने का फायदा हुआ. इस बल्लेबाज ने तब शतक लगाते हुए टीम इंडिया को खिताब जिताया था.

सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे सीरीज की तैयारी कोहरारे में दो-तीन दिन पहले पहुंच गए थे. लेकर कहा कि यहां पर वे अंडर 19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं और इसका फायदा हुआ. साथ ही कप्तान और कोच ने भी उनका सपोर्ट किया. 

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