इंग्लैंड के लिए 253 विकेट लेने वाले खतरनाक गेंदबाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, इस वजह से लिया फैसला

इंग्लैंड के लिए खेलने वाले सबसे तेज गेंदबाजों में से एक 36 साल के मार्क वुड अपने पूरे करियर में चोटों से परेशान रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेडिकल सलाह के अनुसार टेस्ट क्रिकेट और 50-ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है.

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मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. (PC: Getty)

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मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है.

मार्क वुड का करियर चोटों से प्रभावित रहा.

इंग्लैंड के खतरनाक तेज गेंदबाज मार्क वुड ने तुरंत प्रभाव से इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. इंग्लैंड के लिए खेलने वाले सबसे तेज गेंदबाजों में से एक 36 साल के वुड अपने पूरे करियर में चोटों से परेशान रहे हैं. डरहम के इस तेज गेंदबाज ने कोहनी की चोट और उसके बाद घुटने की सर्जरी के कारण 15 महीने तक बाहर रहने के बाद नवंबर में पर्थ में खेले गए पहले एशेज टेस्ट में वापसी की थी. हालांकि उन्होंने सिर्फ़ 11 ओवर ही फेंके थे कि उनके उसी बाएं घुटने में सूजन आ गई और इसके बाद वे इलाज के लिए घर लौट आए. तब से उन्होंने इंग्लैंड के लिए कोई मैच नहीं खेला है.

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सोशल मीडिया पर एक बयान में वुड ने कहा कि पिछले साल को देखते हुए यह कोई हैरानी की बात नहीं है, लेकिन उनके कॉन्ट्रैक्ट के खत्म होने पर यह एक स्वाभाविक समय जैसा लगता है. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा मुश्किलों का सामना करने और चोट से उबरकर लोगों को गलत साबित करने और यह दिखाने की कोशिश की है कि वह क्या कर सकते हैं.दुर्भाग्य से इस बार वह यह लड़ाई हार गए. 

टेस्ट और 50-ओवर खेलना संभव नहीं

वुड ने कहा कि मेडिकल सलाह के अनुसार टेस्ट क्रिकेट और 50-ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है, इसलिए पिछले एक साल में इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना धीरे-धीरे खत्म हो गया है.इंग्लैंड के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और एक सपना सच होने जैसा रहा है. 2015 में डेब्यू करने के बाद वुड ने 38 टेस्ट मैचों में 119 विकेट लिए और उसी गर्मी में उन्होंने घरेलू मैदान पर एशेज जीतने में मदद की. इसके अलावा  70 वनडे मैचों में 80 विकेट और 38 टी20 मैचों में 54 विकेट लिए. 

रन-अप में बदलाव 

हालांकि अपने करियर के दौरान उन्हें टखने, घुटने और कोहनी की कई चोटों का सामना करना पड़ा.अपने शरीर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए उन्होंने 2018 में अपना रन-अप लंबा कर लिया, जिससे उन्हें हाल के सालों में इंग्लैंड की कुछ सबसे बड़ी जीतों में अहम भूमिका निभाने में मदद मिली.बदले हुए रन-अप का उनकी गति पर कोई असर नहीं पड़ा और वह उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 2019 का 50-ओवर का वर्ल्ड कप जीता था, जिसमें उन्होंने 18 विकेट लिए थे. वह उस टीम में भी शामिल थे जिसने 2022 में T20 वर्ल्ड कप जीता था. 

वुड ने 2023 एशेज में इंग्लैंड को 2-0 से पिछड़ने के बाद वापसी करने में अहम भूमिका निभाई. टीम में उनकी वापसी  और शानदार गेंदबाजी स्पेल  ने उन्हें सीरीज बराबर करने में मदद की. 

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