भारत और जिम्बाब्वे के बीच दूसरा टी20 मैच हरारे के मैदान पर खेला जा रहा है. इस मैच में टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने अशोक शर्मा की जगह यश ठाकुर को मौका दिया. विदर्भ से आने वाले इस तेज गेंदबाज को 27 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिला. तीन साल पहले ही गौतम गंभीर से उन्हें टीम इंडिया तक पहुंचने का गुरुमंत्र मिल गया था. आइए जानते हैं कि कौन हैं यश ठाकुर और कैसे उन्होंने कोलकाता से विदर्भ और फिर जिम्बाब्वे में डेब्यू तक का सफर तय किया.
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यश ठाकुर ने विदर्भ से खेला क्रिकेट
यश ठाकुर की बात करें तो वह दाएं हाथ के मीडियम पेसर गेंदबाज हैं और अपनी धीमी गति की गेंदों से उन्होंने टी20 क्रिकेट में काफी नाम कमाया है. यश का जन्म 1998 में कोलकाता में हुआ था, लेकिन उन्होंने घरेलू क्रिकेट विदर्भ से खेला. यश ने विदर्भ के लिए साल 2017 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया और सफेद गेंद के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए साल 2023 में आईपीएल में डेब्यू किया. यश के नाम लिस्ट-ए यानी 50 ओवर के क्रिकेट में एक बार पांच विकेट हॉल भी दर्ज है. वहीं, जब वह पहली बार आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बने, तब उनकी पहली मुलाकात मौजूदा टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर से हुई, जिन्होंने उन्हें एक अहम गुरुमंत्र दिया.
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गंभीर से मुलाकात के बाद बदला करियर
साल 2023 में गौतम गंभीर लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटॉर थे. इसी दौरान गंभीर ने यश को अपनी वैरिएशन पर काम करने और सटीक यॉर्कर डालने जैसी अहम सलाह दी थी. इसके बाद यश ठाकुर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट गेंदबाज के तौर पर उभरे. यश के नाम अब तक आईपीएल के 22 मैचों में 27 विकेट दर्ज हैं, जबकि 74 टी20 मैचों में उन्होंने 110 विकेट हासिल किए हैं. यही कारण है कि गंभीर से मिली सलाह पर अमल करते हुए यश अब टीम इंडिया तक पहुंचने में सफल रहे हैं. उनके नाम 32 फर्स्ट क्लास मैचों में 93 विकेट और 57 लिस्ट-ए मैचों में 90 विकेट दर्ज हैं. अब यश अपने डेब्यू मैच को शानदार प्रदर्शन के साथ यादगार बनाना चाहेंगे.
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