भारतीय बल्लेबाजों का घरेलू मैदान पर स्प‍िन के ख‍िलाफ सुधरेगा प्रदर्शन! शुभमन गिल ने BCCI के सामने रखा मास्टर प्लान

शुभमन गिल ने सुझाव दिया है कि भारत के बल्लेबाजों को इस महीने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ ऐसी पिचों पर अच्छी मैच प्रैक्टिस दी जाए, जहां गेंद ठीक-ठाक टर्न हो.

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India's captain Shubman Gill

शुभमन गिल ने कुछ बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ खेलने का मौका द‍िए जाने का सुझाव द‍िया है. (PC: Getty)

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टीम इंडिया नवंबर में न्यूजीलैंड और अगले साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के ख‍िलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी.

शुभमन गिल ने कुछ बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ खेलने का मौका द‍िए जाने का सुझाव द‍िया है.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के पॉइंट टेबल में भारत के पांचवें स्थान पर खिसकने के बाद टीम मैनेजमेंट और नेशनल सेलेक्टर्स के सामने एक व्यस्त शेड्यूल है. वे इस साइकिल के बचे हुए दो टेस्ट असाइनमेंट नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ और अगले साल 21 जनवरी से शुरू होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारी कर रहे हैं. 

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टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने सुझाव दिया है कि भारत के बल्लेबाजों को इस महीने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ ऐसी पिचों पर अच्छी मैच प्रैक्टिस दी जाए, जहां गेंद ठीक-ठाक टर्न हो. हालांकि BCCI ने एक ऐसा शेड्यूल बनाया है, जिसमें दो चार द‍िनों वाले मैचों में से दूसरा मैच ईरानी कप के साथ ओवरलैप हो रहा है. साथ ही सितंबर के आखिर से अक्टूबर की शुरुआत तक एशियन गेम्स और वेस्ट इंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत की दो अलग-अलग टीमें हिस्सा लेंगी. इस ओवरलैप की वजह से सेलेक्टर्स के पास टेस्ट खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ रेड-बॉल से पर्याप्त तैयारी कराने के लिए बहुत कम गुंजाइश बची है.

स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन खराब


BCCI के सोर्स का कहना है कि पिछले दो सालों में घरेलू मैदान पर स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. गिल ने सुझाव दिया कि अगर कुछ बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ खेलने का मौका मिले और मैचों के दौरान पिचें थोड़ी टर्न लें, तो इससे उन्हें BGT की तैयारी में मदद मिलेगी. जाहिर है कि BGT को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया 'A' की टूरिंग टीम को ऐसी पिचें नहीं दी जाएंगी जो बहुत ज़्यादा टर्न लें, लेकिन अगर मैच में बाद में पिचें थोड़ी टर्न लें तो कोई नुकसान नहीं होगा. 

रिजर्व पूल से खिलाड़ियों को पड़ सकता चुनना


सोर्स ने आगे कहा कि शेड्यूल के साथ समस्या यह है कि 'A' मैच के लिए बहुत कम टेस्ट खिलाड़ी उपलब्ध होंगे. वरना ईरानी कप के लिए 'रेस्ट ऑफ इंडिया' टीम उतनी मजबूत नहीं होगी, जितनी चयनकर्ता चाहते हैं और इससे मैच के स्तर पर असर पड़ सकता है. ऑस्ट्रेलिया 'A' के ख़िलाफ दो चार-दिवसीय रेड-बॉल मैच 22-25 सितंबर और 29 सितंबर-2 अक्टूबर के बीच होने हैं. ईरानी कप 1-5 अक्टूबर तक श्रीनगर में खेला जाएगा. कई प्रमुख T20I खिलाड़ियों के एशियन गेम्स के लिए जाने के कारण चयनकर्ताओं को वेस्ट इंडीज के ख़िलाफ 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए अपने रिजर्व पूल से खिलाड़ियों को चुनना पड़ सकता है. यह भी पता चला है कि एशियन गेम्स में मुख्य कोच की भूमिका निभाने वाले वीवीएस लक्ष्मण ने दल के लिए रहने की व्यवस्था को लेकर चिंताओं के बीच इवेंट के लिए चार अतिरिक्त नेट बॉलर्स की मांग की है. 

 

 60 खिलाड़ियों के वीज़ा की लिस्ट तैयार


शेड्यूल से जुड़ी दिक्कतों का असर न्यूज़ीलैंड टेस्ट सीरीज़ की तैयारियों पर भी पड़ा है.र‍िपोर्ट के अनुसार बोर्ड ने वीज़ा एप्लीकेशन के लिए लगभग 60 खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार की है.भारत का दौरा 22 अक्टूबर को पांच T20I मैचों के साथ शुरू होगा. इंडिया 'A' टीम 24 अक्टूबर से तीन चार-दिवसीय,रेड-बॉल मैच खेलेगी, जो पांच मैचों की ODI सीरीज़ के साथ-साथ चलेंगे। पहला टेस्ट आखिरी ODI के ठीक चार दिन बाद शुरू होना है.BCCI सोर्स का कहना है कि टीम मैनेजमेंट से न्यूजीलैंड सीरीज़ के लिए तैयारी की योजना बताने को कहा गया था. चूंकि कम समय में बहुत सारे मैच रखे गए हैं, इसलिए वीज़ा तैयार करने के लिए लगभग 60 खिलाड़ियों की लिस्ट शेयर की गई थी. सेलेक्टर और टीम मैनेजमेंट मुश्किल स्थिति में हैं क्योंकि वे टेस्ट सीरीज़ के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना बना रहे हैं. 

मुख्य खिलाड़ियों को ODI स्क्वाड से रिलीज़ करने के इच्छुक

सोर्स ने बताया कि टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर तीसरे ODI के बाद टेस्ट के मुख्य खिलाड़ियों को ODI स्क्वाड से रिलीज़ करने के इच्छुक हैं, ताकि उन्हें टेस्ट की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके. गिल और हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि किसी बड़ी टेस्ट सीरीज़ से पहले कम से कम 10 से 14 दिन की तैयारी ज़रूरी है. एक सोर्स का कहना है कि इंडिया 'A' रेड-बॉल सीरीज और ODI सीरीज के एक साथ होने के कारण टेस्ट के कुछ मुख्य खिलाड़ियों को ODI से पहले इंडिया 'A' का मैच खेलना पड़ सकता है.यह ODI के लिए अच्छी तैयारी नहीं होगी, खासकर तब जब वर्ल्ड कप में बस एक साल बचा हो.टीम मैनेजमेंट अगले साल साउथ अफ्रीका में उछाल भरी और सीमिंग पिचों के हिसाब से तैयारी के लिए अपनी पूरी ODI टीम उतारना चाहता था, लेकिन इस टेस्ट सीरीज में हारने से भारत का WTC अभियान खत्म हो सकता है. 


 BCCI में तालमेल की कमी 

BCCI की ऑपरेशन्स टीम आमतौर पर CoE, भारतीय टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के साथ मिलकर शेड्यूल बनाती है. यह तालमेल तब आम बात हो गई थी, जब राहुल द्रविड़ भारत की डवलपमेंटल टीमों और पहले की नेशनल क्रिकेट एकेडमी (जो अब CoE है) के इंचार्ज थे.हालांकि सोर्स का कहना है कि सीजन के मैच तय करने में भारतीय टीम मैनेजमेंट शामिल नहीं था.BCCI ने हाल में हुए श्रीलंका दौरे की योजना बनाते समय तैयारी के लिए पर्याप्त समय की गिल की मांग को माना था, लेकिन मौजूदा शेड्यूल की वजह से गिल और टीम मैनेजमेंट के लिए न्यूज़ीलैंड दौरे और BGT की तैयारी करना मुश्किल हो गया है. 

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