भारत के साथ ड्रॉ सीरीज खेलने से वेस्ट इंडीज क्रिकेट फाइनेंश‍ियल स‍िक्योर‍िटी की तरफ कैसे बढ़ा? 1997 में शुरू था हालात बिगड़ने का सिलस‍िला

वेस्ट इंडीज क्रिकेट में इस अस्थिरता का एक मुख्य कारण 1997 में शुरू हुआ, जब ICC ने इंटरनेशनल क्रिकेट के वित्तीय मॉडल को बदलने के लिए वोटिंग कराई. इस मतदान में अन्य सदस्यों ने CWI (तब WICB) के खिलाफ वोट दिया

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किरण सिंह

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भारत और वेस्ट इंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही. (PC: Getty)

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भारत और वेस्ट इंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही.

हेड कोच डैरेन सैमी ने 2-2 के स्कोर को सही नतीजा माना.

भारत और वेस्ट इंडीज के बीच बेंगलुरु में पांचवां और आखिरी T20I मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, जिससे दोनों टीमों के बीच सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो गई. सीरीज ड्रॉ होने से वेस्ट इंडीज का 24 साल बाद भारत में बाइलेटरल सीरीज जीतने का इंतजार बढ़ गया, मगर कैरेबियाई हेड कोच डैरेन सैमी इससे न‍िराश नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इसे एक ऐसी उम्मीद बताई है, जिससे वेस्ट इंडीज क्रिकेट के हालात सुधरेंगे. उनका मानना ​​है कि भारत के खिलाफ उनकी टीम की T20I सीरीज का 2-2 का स्कोर एकदम सही नतीजा है. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमी ने कहा कि यह इस बात का सही आईना है कि दोनों टीमों ने कैसा खेल दिखाया है, खासकर हमारे खिलाड़ियों ने. मुझे पूरा यकीन है कि जब सीरीज शुरू हुई थी, तब शायद किसी को नहीं लगा होगा कि हमारे पास कोई मौका है, लेकिन यह तो बस दूसरों की राय थी. वेस्ट इंडीज ने इससे पहले भारत में भारत के खिलाफ तीन बाइलेटरल T20I सीरीज खेली थीं और वे सभी सीरीज हार गए थे. इन सीरीज में खेले गए कुल सात मैचों में से वे केवल एक ही मैच जीत पाए थे. इस बार उन्होंने भारत को कड़ी टक्कर दी, जिसे सैमी ने उनके लक्ष्यों की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बताया. 

दमदार प्रदर्शन के बाद भी तिलक को नंबर 3 छोड़ मिडिल ऑर्डर में क्यों जाना पड़ा?

सैमी ने कहा कि हम जीतना चाहते थे, क्योंकि भारत में हमने लंबे समय से ऐसा कुछ नहीं किया है, इसलिए यह अच्छा होता. मुझे लगता है कि अभी भी पलड़ा हमारे पक्ष में है, क्योंकि पिछली बार (2023 में) जब हमने घरेलू सीरीज खेली थी, तो हम 3-2 से जीते थे. उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि हमारे लिए सफलता के क्या मायने हैं. एक टीम के तौर पर हम जहां हैं, उसे हम कभी भी हल्के में नहीं लेते और ना ही अपने सामने आने वाली चुनौतियों को नजरअंदाज करते हैं. हम बस लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं और मुझे लगता है कि इस सीरीज के बाद हमने एक बहुत बड़ा कदम आगे बढ़ाया है्. हम मौजूदा चैंपियन के खिलाफ खेले और उन्हें कड़ी टक्कर दी, बल्कि कुछ मामलों में तो हमने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया, और वह भी उनके ही घर में. 

वेस्ट इंडीज के साथ 1997 में क्या हुआ था 

सैमी को उम्मीद है कि मैदान पर हो रही प्रोगेस वेस्ट इंडीज को अस्थिरता की स्थिति से निकालकर वित्तीय सुरक्षा की ओर ले जा सकती है. क्रिकेट वेस्ट इंडीज (CWI) के CEO क्रिस डेहरिंग के अनुसार इस अस्थिरता का एक मुख्य कारण 1997 में शुरू हुआ, जब ICC ने इंटरनेशनल क्रिकेट के वित्तीय मॉडल को बदलने के लिए वोटिंग कराई. इस मतदान में अन्य सदस्यों ने CWI (तब WICB) के खिलाफ वोट दिया, जिसके नतीजा यह रहा कि बाइलेटरल सीरीज से होने वाली सारी कमाई मेजबान बोर्डों को मिलने लगी. टूरिंग फीस (दौरे से मिलने वाली फीस) खत्म हो जाने के कारण वेस्ट इंडीज जैसे कम आबादी वाले देशों के बोर्डों ने वित्तीय स्थिरता का एक अहम जरिया खो दिया. तब से वेस्ट इंडीज कई वित्तीय संकटों में घिर गया है. पिछले महीने CWI ने बड़े वित्तीय पुनर्गठन की घोषणा की, जिसमें कई कदम शामिल हैं, इनमें कॉन्ट्रेक्ट इंटरनेशनल खिलाड़ियों के वेतन में 25 फीसदी की कटौती भी शामिल है. 

विंडीज क्रिकेट को सहारे की जरूरत 

सैमी ने कहा कि CEO को 1997 की उन घटनाओं के बारे में बात करते सुना, जिनकी वजह से हम आज इस स्थिति में हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह समझना जरूरी है कि वेस्ट इंडीज क्रिकेट का क्या मतलब है. मैंने वेस्ट इंडीज की पुरानी टीमों के खिलाड़ियों के बारे में सुना है कि वे किसी जगह पर तीन-चार महीने तक दौरे पर रहते थे, वार्म-अप मैच खेलते थे, अपने खेल के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाते थे, अपने लिए प्रशंसक बनाते थे और कई लोगों के लिए कमाई का ज़रिया भी बनते थे. मुझे लगता है कि हम आज ऐसी स्थिति में हैं जहां वेस्ट इंडीज क्रिकेट को किसी के सहारे (यानी किसी के सहयोग) की जरूरत है. आर्थिक रूप से और भारत में दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम के खिलाफ खेली जा रही इस तरह की सीरीज हमें उस मदद के और करीब लाती है. 


वेस्ट इंडीज का टी20 में प्रदर्शन


भारत में इस सीरीज को ड्रॉ करने से पहले दो बार की वर्ल्ड चैंप‍ियन वेस्ट इंडीज ने अपने घरेलू मैदान पर श्रीलंका को एक T20I सीरीज में हराया था और मार्च में भारत में हुए 2026 T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. सैमी ने कहा कि ड्रेसिंग रूम में मौजूद सभी खिलाड़ियों ने मैदान पर उतरकर पूरे इरादे के साथ खेले. सबसे अच्छी बात यह रही कि उनका पुराना अंदाज और आत्मविश्वास वापस आ गया है. 

भारत के ख‍िलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज में वेस्ट इंडीज का प्रदर्शन 

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