वैभव सूर्यवंशी क्या तानाशाही का श‍िकार हो रहे हैं? भारतीय टीम मैनेजमेंट पर व‍िस्फोटक बल्लेबाज के कोच का गंभीर आरोप

भारत की प्लेइंग XI में वैभव सूर्यवंशी को लगातार शामिल ना किए जाने से उनके बचपन के कोच मनीष ओझा काफी नाराज़ हैं. गौतम गंभीर की अगुआई वाली टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधते हुए ओझा ने भारतीय सेटअप पर तानाशाही जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया.

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Vaibhav Sooryavanshi

वैभव को लेकर बड़ा खुलासा. (PHOTO: Getty)

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वैभव सूर्यवंशी को घरेलू मैदान पर अपने इंटरनेशनल डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ रहा है.

सूर्यवंशी को वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज में अभी तक प्लेइंग इलेवन में एक बार भी मौका नहीं मिला.

वैभव सूर्यवंशी वेस्ट इंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. शुरुआती तीन मैचों में उन्हें बेंच पर ही बैठा रहना पड़ा, जिसके बाद उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने भारतीय टीम मैनेजमेंट पर तानाशाही का आरोप लगाया है. भारत की प्लेइंग XI में सूर्यवंशी को लगातार शामिल ना किए जाने से उनके बचपन के कोच मनीष ओझा काफी नाराज़ हैं. गौतम गंभीर की अगुआई वाली टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधते हुए ओझा ने भारतीय सेटअप पर तानाशाही जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि सूर्यवंशी जैसे बेहतरीन टैलेंट को बाहर बिठाकर इंतजार कराने के बजाय खेलने के मौके दिए जाने चाहिए. वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत के शुरुआती तीनों T20I मैचों में सूर्यवंशी को बेंच पर ही रखा गया है और टीम मैनेजमेंट ने इस सीरीज़ में अभी तक इस युवा बल्लेबाज़ को खेलने का मौका नहीं दिया है. इस युवा खिलाड़ी ने 2026 एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन शे होप की टीम के खिलाफ प्लेइंग XI में जगह बनाने के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है. 

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इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार


टाइम्स नाउ के अनुसार नाराज़ ओझा का कहना है कि टीम मैनेजमेंट को लगता है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाकर तैयार किया जा सकता है.  उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि युवा क्रिकेटरों को मैच का रेगुलर अनुभव चाहिए, ताकि वे बेहतर बन सकें, अपने खेल में सुधार कर सकें और इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें. ओझा ने कहा कि क्रिकेट के कई और दिग्गज भी हैं. उनसे बात करेंगे तो हर कोई यही कहेगा कि अगर हमें खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी तैयार करनी है, तो उन्हें उन हालात में डालना होगा. उन्हें खिलाना होगा. बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी कभी नहीं बना है, और न ही कभी बनेगा. 

आत्मविश्वास पर असर

कोच को इस बात की खास चिंता थी कि सूर्यवंशी के लंबे समय तक बाहर बैठने से युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास पर क्या असर पड़ सकता है.  उनका कहना था कि बार-बार टीम से बाहर रखे जाने से खिलाड़ी को टीम में अपनी अहमियत पर शक हो सकता है, बजाय इसके कि उसे टॉप लेवल पर अनुभव से सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिले. उन्होंने कहा कि तो या तो उन्होंने तय कर लिया है कि इस लड़के को मौका नहीं देना है. उसे बाहर रखो और इतना परेशान कर दो कि वह निराश हो जाए. अब क्या कहें? जब आप बाहर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि टीम में आपकी कोई ज़रूरत नहीं है; लड़का निराश हो जाता है. उन्होंने कहा कि इस उम्र में सूर्यवंशी को हर मैच खेलकर परिपक्व होना चाहिए और खेल में निखार और सुधार आना चाहिए. वह बाहर बैठे हैं और पानी पिला रहे हैं. मुझे लगता है कि अभी जो मैनेजमेंट है, वह एक तरह की मनमानी कर रहा है, जो मन में आता है, वही करते हैं. 

19 में से 11 मैच में सूर्यवंशी बाहर


इंडियन प्रीमियर लीग और जूनियर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद सूर्यवंशी को भारतीय टीम में जगह मिली. उन्होंने जुलाई 2026 में अपना T20I डेब्यू किया और आठ मैचों में 186 के स्ट्राइक रेट से 246 रन बनाए हैं.  भारतीय टीम में पहली बार चुने जाने के बाद से भारत ने जितने 19 मैच खेले हैं, उनमें से 11 में सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में शामिल नहीं किया गया. 


सूर्यवंशी को बेंच पर बैठाने पर कोच का बयान 

सूर्यवंशी को अभी अपने मौके का इंतजार करना होगा. वेस्ट इंडीज के ख‍िलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत से पहले बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्केल ने संकेत दिए थे कि सूर्यवंशी को अभी टीम के साथ ज्यादा समय गुजारने की जरूरत है. वह अच्छे खिलाड़ियों के साथ इस माहौल में जितना ज़्यादा समय बिताएंगे और इस लेवल पर जितनी ज़्यादा ट्रेनिंग करेंगे, उतना ही उनके क्रिकेट के लिए अच्छा होगा.  अगर उसे खेलने का मौका नहीं भी मिलता है तो भी वह बस में, डगआउट में या होटल में बहुत अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहते हैं. ऐसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना, उनसे बातचीत करना या बस यह देखना कि वे कैसे अपने प्रोसेस से गुज़रते हैं और कैसे अपनी पारी को आगे बढ़ाते हैं, उनके लिए बहुत ज़रूरी होगा. 

एश‍ियन गेम्स में खेले थे दो मेडल 


सूर्यवंशी को एश‍ियन गेम्स में दो मैच खेलने का मौका मिला था. उन्हें श्रीलंका के ख‍िलाफ सेमीफाइनल और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में खिलाया गया था. जहां उन्होंने अभिषेक के साथ ओपनिंग की थी. संजू सैमसन तीसरे नंबर पर आए थे. वहीं नंबर तीन पर आमतौर पर बैटिंग करने वाले इशान किशन पांचवें नंबर पर खेले थे. श्रीलंका के ख‍िलाफ सूर्यवंशी ने 38 रन बनाए थे, जबकि पाकिस्तान के ख‍िलाफ 15 रन बनाए और भारत को गोल्ड मेडल जीतने में अपना योगदान द‍िया, मगर सूर्यवंशी को घरेलू मैदान पर अपने इंटरनेशनल डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. 


सूर्यवंशी का करियर 

15 साल के सूर्यवंशी ने इसी साल जुलाई 2026 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के ख‍िलाफ टी20 मैच से भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसी के साथ वह इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारत के सबसे युवा ख‍िलाड़ी बन गए थे. उन्होंने सच‍िन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ द‍िया है. सूर्यवंशी भारत के लिए आठ टी20 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 30.75 की औसत और 186.36 की स्ट्राइक रेट से 246 रन बनाए. उनके नाम दो अर्धशतक भी है.  उन्होंने इस दौरान 22 चौके और 18 छक्के लगाए. 

भारत सीरीज में आगे 

श्रेयय अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम वेस्ट इंडीज के ख‍िलाफ पांच मैचों की सीरीज में 21 से आगे है. सीरीज का पहला मैच भारत ने आठ विकेट से जीता था. वेस्ट इंडीज ने दूसरा टी20 छह विकेट से जीतकर सीरीज में बराबरी की. इसके बाद भारत ने इंदौर में तीसरा मुकाबला 14 रन से जीतकर भारत में बढ़त बनाई. 

भारत-वेस्ट इंडीज टी20 सीरीज के बाकी बचे दो मैचों का शेड्यूल 

चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 - हैदराबाद (राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम)
पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 - बेंगलुरु (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)

भारत और वेस्ट इंडीज के बीच टी20 सीरीज कहां देख सकते हैं?


भारत और वेस्ट इंडीज के बीच टी20 सीरीज टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर देख सकते हैं. ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर होगी.

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