नई दिल्ली। टी20 प्रारूप (T20 Cricket) में आक्रामक बल्लेबाजों की बढती भूमिका को सबसे पहले समझने वाले पावरहिटिंग कोच जूलियन वुड का मानना है कि धीमी गति से अपने कौशल की बानगी पेश करने वाले बल्लेबाजों को अपने खेल को बदलना होगा. इंग्लैंड (England) के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर वुड पंजाब किंग्स (Punjab Kings) के साथ आईपीएल (IPL 2022) में जुड़े हैं. 12 साल पहले अमेरिकी बेसबॉल क्लब टैक्सास रेंजर्स के मुख्य कोच से हुई मुलाकात ने वुड का क्रिकेट के प्रति नजरिया बदल दिया. उस समय टी20 क्रिकेट इतना चलन में नहीं था जब वुड ने पावर हिटिंग की अहमियत पर फोकस किया. अब 2022 में आईपीएल की सारी टीमें तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाजों को महंगे दामों खरीद रहीं हैं.
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वुड ने पीटीआई से कहा, "अब समय आ गया है कि आम बल्लेबाजी कोच की बजाय विशेषज्ञ कोच लिए जाए जैसे कि मैं हूं. टीमों ने भी तय किया है कि यही आगे का रास्ता है. क्रिकेट हमेशा से काफी पारंपरिक खेल रहा है और इसमें बदलाव में समय लगता है. मैने पांच साल पहले कहा था कि टी20 क्रिकेट में हमें बल्लेबाजी कोचों की बजाय हिटिंग कोचों की जरूरत है. अब इसकी शुरूआत हुई है."
बेसबॉल से सीखा हिट करने का फ़ॉर्मूला
बेसबॉल से वुड ने सीखा कि शरीर से शक्ति का संचार कैसे किया जाता है. उन्होंने कहा, "ज्ञान के अभाव में पूर्व खिलाड़ी और कोच समझते हैं कि पावर हिटिंग अपने हाथ ऊपर करके फ्रंट लेग पर खेलकर गेंद को सीमा के पार पहुंचाना भर है. लेकिन यह इससे कही अधिक है. यह सब एंगल (कोण) और संपर्क बिंदु की बात है. आपके फ्रंटफुट का कौन सा एंगल बन रहा है. अगर आप गेंद के बहुत करीब हो तो खुलकर नहीं खेल सकोगे और बहुत दूर हो तो नियंत्रण छूट जाएगा.’’
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि मुकम्मिल बल्लेबाजों के लिए इसमें जगह नहीं है. उन्होंने कहा, "समस्या तब होती है जब बल्लेबाजी की आम पोजिशन से लप्पे मारने की कोशिश की जाती है. बल्लेबाजी की पोजिशन से बड़ा शॉट नहीं मार सकते और इसी तरह हिटिंग पोजिशन से बल्लेबाजी नहीं की जा सकती. इसकी जानकारी जरूरी है."
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