IPL 2026 में BCCI की वजह से हो रही 200 प्लस के स्कोर की बारिश, पिच से बाउंड्री की दूरी तक सब पहले से तय

आईपीएल 2026 में 200 प्लस स्कोर बनना आम बात हो गई. इस सीजन टी20 क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य को हासिल करने का रिकॉर्ड भी टूटा है. इससे गेंदबाजों के लिए हालात काफी मुश्किल हो गए.

Profile

SportsTak

अपडेट:

SportsTak Hindi

आईपीएल 2026 में काफी बड़े स्कोर देखने को मिल रहे हैं.

Story Highlights:

आईपीएल में खेले गए 49 में से 25 मैचों में 200 प्लस के स्कोर बने हैं.

रिपोर्ट में सामने आया है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) चाहता है कि बड़े स्कोर वाले मुकाबले हो.

आईपीएल 2026 में लगातार 200 प्लस स्कोर बन रहे हैं. इसके साथ ही यह भी देखा गया है कि 200 से ऊपर के स्कोर बनाने के बाद भी टीमों को हार मिल रही है. आईपीएल 2026 में खेले गए 49 में से 25 मैचों में 200 प्लस के स्कोर बने हैं. इनमें भी 14 मैचों में स्कोर 220 या इससे ऊपर गया है. लगातार इतने स्कोर बनने से सवाल उठने लगे हैं कि क्या बड़े रनों के चलते आईपीएल बोरिंग हो रहा है. क्या गेंदबाजों के लिए इस लीग में कोई मौका नहीं बना है. एक रिपोर्ट में सामने आया है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) चाहता है कि बड़े स्कोर वाले मुकाबले हो और इसके लिए मदद करने वाली पिचें तैयार की जाएं.

IPL: सबसे ज्यादा बदकिस्मत गेंदबाज, चहल की गेंदों पर फील्डर्स ने छोड़े 50% कैच

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई की तरफ से बड़े स्कोर वाले मैचों के लिए सभी वेन्यू को सुझाव दिए गए हैं. इनमें पिच किस तरह की होगी और बाउंड्री की दूरी कितनी रहेगी, इसके बारे में साफ निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि गेंदबाजों को लिए कम से कम मदद पिच से होनी चाहिए. इसके लिए बोर्ड ने अपना एक क्यूरेटर हरेक वेन्यू के लिए भेजा है. उसकी देखरेख में ही पिच बनाई जाएगी.

बीसीसीआई ने तय की कैसी होगी पिच और बाउंड्री की दूरी

वहीं आईपीएल प्लेऑफ व फाइनल के दौरान बीसीसीआई क्यूरेटर्स की सेंट्रल टीम के हवाले काम रहेगा. बोर्ड की तरफ से दिए गए सुझावों में कहा गया है कि बाउंड्री 77 मीटर से ऊपर नहीं रहनी चाहिए. पिच से हल्की स्विंग मिल सकती है लेकिन गेंद ज्यादा स्पिन नहीं होनी चाहिए. पिचेज पर घास रहनी चाहिए जिससे कि सूखी पिच हट जाए.

फ्रेंचाइज ने पिच को लेकर क्या बताया

रिपोर्ट में एक फ्रेंचाइज के सदस्य के हवाले से लिखा गया है कि कुछ टीमों के पास मजबूत स्पिन बॉलिंग टीम है. उन्हें धीमी पिच चाहिए होती है. लेकिन अब सारी पिचेज एक जैसी हैं. साथ ही कंडीशन भी एक जैसी ही रहती है. वहीं एक दूसरी फ्रेंचाइज के सदस्य ने कहा कि उनके बल्लेबाजों को मुश्किल हो जाती है जब पिच से हल्की सी भी मदद गेंदबाजों को मिलती है. इसकी वजह से कई बार उनकी टीम कई मौकों पर लड़ख़ड़ाई है. 

IPL 2026 के बीच पैट कमिंस को 113 करोड़ का ऑफर

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share