चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने खेल को बल्लेबाजी के पक्ष में झुका दिया है. उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखने की अपील की. उन्होंने आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स की लगातार दूसरी हार के बाद इंपैक्ट प्लेयर नियम पर सवाल खड़े किए. चेन्नई को राजस्थान रॉयल्स के बाद पंजाब किंग्स के हाथों भी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद फ्लेमिंग ने इंपैक्ट प्लेयर नियम को लेकर कहा कि
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मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट में विशेष रूप से इम्पैक्ट प्लेयर नियम की बहुत बड़ी भूमिका है. मुझे नहीं पता कि यह कब तक रहेगा, लेकिन यह निश्चित रूप से क्रिकेट की गति को प्रभावित करता है. इससे खेल कुछ हद तक बल्लेबाजों के पक्ष में झुक गया है.
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शुरुआत से ही आक्रामक खेल
उन्होंने फिनिशर के रोल के बारे में कहा कि मौजूदा समय में टी20 क्रिकेट में पारंपरिक फिनिशर की भूमिका बहुत ज्यादा नहीं रह गई है, क्योंकि मैच की शुरुआत से ही पूरी तरह से आक्रामक खेल खेला जा रहा है. सीएसके ने अपनी टीम में काफी फेरबदल किया है. उसकी बल्लेबाजी इकाई में शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाजों का दबदबा है, जिससे मध्य और निचले क्रम में विशेष रूप से फिनिशर की भूमिका की कमी महसूस हो रही है.
फ्लेमिंग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब फिनिशर जैसी कोई चीज रह गई है. पहली गेंद से ही हर कोई ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहा है. अब ऐसा नहीं है कि 16वें ओवर तक रन गति कुछ धीमी रखकर फिर तेजी से रन बनाए जाएं. पहली गेंद से ही हर बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में खेल रहा है.
उन्होंने कहा कि इसलिए पारी की शुरुआत से ही 10, 11, 12 का रन रेट अपेक्षित है. आपको 40 रन तक पहुंचने के लिए अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना होगा. इसलिए आपके पास ऐसे बल्लेबाज होने चाहिए जो शुरू से लेकर आखिर तक आक्रामक खेल खेलें और निश्चित रूप से उनकी टीम में वैसे बल्लेबाज हैं.
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