'सिर खुजा रहे हैं', SRH के ख‍िलाफ हार के बाद DC के कप्तान अक्षर पटेल को इस बड़ी गलती के लिए पड़ी लताड़

अक्षर पटेल अपने बॉलिंग से जुड़े फैसलों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना कर रहे हैं. खासकर इसलिए कि उन्होंने अपने कोटे के पूरे ओवर नहीं फेंके और इसके बजाय नीतीश राणा को अपनी पार्ट-टाइम स्पिन के चारों ओवर पूरे करने का मौका दिया.

Profile

SportsTak

अपडेट:

SportsTak Hindi

अक्षर पटेल ने हैदराबाद के ख‍िलाफ अपने चार ओवर का कोटा पूरा नहीं किया. ([PC: IPL)

Story Highlights:

अक्षर पटेल ने हैदराबाद के ख‍िलाफ अपने चार ओवर का कोटा पूरा नहीं किया.

अक्षर ने नीतीश राणा को अपनी पार्ट-टाइम स्पिन के चारों ओवर पूरे करने का मौका दिया.

द‍िल्ली कैप‍िटल्स को सनराइजर्स हैदराबाद के ख‍िलाफ आईपीएल 2026 के मुकाबले में 47 रन से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल को बड़ी गलती के लिए लताड़ पड़ी है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच ने अक्षर पटेल की आलोचना की है, क्योंकि उन्होंने हैदराबाद के ख‍िलाफ अपने चार ओवर का कोटा पूरा नहीं किया. 

SRH के गेंदबाज अचानक कैसे बने घातक? साकिब-मलिंगा का नाम लेकर कोच ने बताया प्लान
 
पहले बैटिंग करते हुए SRH ने अपने 20 ओवरों में 242/2 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें अभिषेक शर्मा की 68 गेंदों पर 135 रनों की शानदार नाबाद पारी का अहम योगदान रहा. जवाब में दिल्ली कैपिटल्स 195/9 पर ही सिमट गई और आखिरकार 47 रनों से मैच हार गई.इ अक्षर अपने बॉलिंग से जुड़े फैसलों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना कर रहे हैं. खासकर इसलिए कि उन्होंने अपने कोटे के पूरे ओवर नहीं फेंके और इसके बजाय नीतीश राणा को अपनी पार्ट-टाइम स्पिन के चारों ओवर पूरे करने का मौका दिया. 

सबसे बड़ी रणनीतिक गलती 

राणा ने अपने स्पेल में 55 रन दिए, जो दिल्ली की सबसे बड़ी रणनीतिक गलतियों में से एक साबित हुई. वहीं अक्षर और कुलदीप यादव दोनों ने सिर्फ दो-दो ओवर डाले और कुल मिलाकर 53 रन दिए्. क्रिकइंफो के 'टाइम आउट' शो पर बात करते हुए फिंच ने DC की बॉलिंग रणनीति पर हैरानी जताई.  उन्होंने कहा कि सब वहीं बैठकर अपना सिर खुजा रहे थे, है ना? दो मुख्य भारतीय स्पिन गेंदबाज कप्तान अक्षर पटेल और कुलदीप यादव  मिलकर सिर्फ चार ओवर डाले. वहीं दूसरी ओर एक पार्ट-टाइम ऑफ स्पिनर नीतीश राणा को चार ओवर दिए गए. फिंच ने कहा कि ये उनकी नजर में इसका कोई मतलब ही नहीं बनता.

अक्षर के इस रवैये पर सवाल

फिंच ने आगे अक्षर के इस रवैये पर सवाल उठाया कि एक सीनियर खिलाड़ी और दो बार के T20 वर्ल्ड कप विजेता होने के बावजूद, दबाव के पलों में उन्हें खुद अपनी गेंदबाजी पर भरोसा क्यों नहीं था. उन्होंने कहा कि यह उनके कप्तान, उनके सीनियर खिलाड़ी, उनके रिटेन किए गए खिलाड़ी, उनके  सबसे बेहतरीन गेंदबाज की ज़िम्मेदारी है. वह भारत के मुख्य गेंदबाज हैं और भारतीय क्रिकेट टीम के नियमित सदस्य हैं. यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. वह दो बार वर्ल्ड कप जीत चुके हैं. इसलिए यह बात कि उन्हें दबाव में गेंदबाजी करने या बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करने के लिए खुद पर भरोसा नहीं है, ये उनके रवैये के बारे में बहुत कुछ कहती है. 

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share