IPL 2026 के बीच नई गाइडलाइंस जारी नहीं करता BCCI तो हो जाता बड़ा बवाल, सैकिया का खुलासा

बीसीसीआई सच‍िव देवजीत सैकिया ने सीजन के बीच में आठ पन्नों की जारी गाइडलाइंस को लेकर खुलासा किया है. सैकिया ने बताया कि सीजन के बीच में किस समय उन्हें गाइडलाइंस जारी करने की जरूरत महसूस हुई.

Profile

SportsTak

अपडेट:

'We will be taking some action': BCCI secretary warns IPL teams of strict punishment for rule violations

सैकिया ने बताया कि विवाद को शुरू में ही खत्म करना चाहते थे. (via Getty)

Story Highlights:

आईपीएल 2026 के बीच में बीसीसीआई को गाइडलाइंस जारी करनी पड़ी थी.

सैकिया ने बताया कि विवाद को शुरू में ही खत्म करना चाहते थे.

आईपीएल 2026 खत्म हो चुका है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार ख‍िताब जीता. आईपीएल का यह सीजन नियमों के उल्लंघन के कारण भी चर्चा में रहा. जिस वजह से बीसीसीआई को सीजन के बीच में नई गाइडलाइंस जारी करनी पड़ी. जिसमें फ्रेंचाइजियों को हनी ट्रैप‍िंग के खतरे और बाकी अन्य च‍िंताओं के बारे आगाज किया गया था. अब बीसीसीआई सच‍िव देवजीत सैकिया ने सीजन के बीच में आठ पन्नों की जारी गाइडलाइंस को लेकर खुलासा किया है. हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार सैकिया ने बताया कि सीजन के बीच में किस समय उन्हें गाइडलाइंस जारी करने की जरूरत महसूस हुई.

IPL 2026 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद सूर्यवंशी के लिए लगी ब्रांड्स की लाइन

उन्होंने बताया कि जब भ्रष्टाचार-रोधी टीम को कई छोटी-छोटी ऐसी दिक्कतें मिलीं जो बाद में एक बड़ा विवाद बन सकती थी, तो उन्होंने कहा कि हमें शुरू में ही कुछ करना होगा. हमें इसे शुरू में ही खत्म करना होगा. इसलिए जब हमें IPL प्रोटोकॉल के अलग-अलग उल्लंघनों के बारे में स्टेटस या रिपोर्ट मिली, तो हमने IPL के कामकाज में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने और उससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी कीं. सैकिया ने बताया कि एडवाइजरी टूर्नामेंट के पूरे संचालन में एक बेहतरीन कदम साबित हुआ, जिससे एक अच्छा और व्यवस्थित टूर्नामेंट सुनिश्चित हुआ और सभी IPL प्रोटोकॉल का पालन भी हुआ.

हद पार न करें सोशल मीडिया

सीजन के दौरान सोशल मीडिया कंटेंट और रील्स कल्चर को लेकर भी कुछ चिंताएं थीं. इस पर उन्होंने कहा कि निजी तौर पर उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि टेक्नोलॉजी और उन चीजों के साथ चलना ही पड़ता है जो समय के साथ अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लोकप्रिय हो रही हैं. उन्होंने कहा कि जब 2008 में IPL शुरू हुआ था या उसके बाद अगले 12-13 सालों तक, किसी ने भी सोशल मीडिया या ऐसी किसी भी चीज के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन अब यही चलन है.

इसलिए खुद को इस चलन के हिसाब से ढालना होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी टीम की मीटिंग या टीम की गतिविधियों में या बसों में, या उन जगहों पर दखल दे जहां किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को जाने की इजाज़त नहीं है. उन्होंने कहा कि बोर्ड बस यह पक्की कर रही हैं कि सोशल मीडिया अपनी हद पार न करें. बस इसी एक चीज की उन्हें चिंता है. 

कब शुरू हुआ Women's T20 WC, अब तक किन टीमों ने जीता ख‍िताब?

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share