कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे और कोलकाता के घरेलू मैदान ईडन गार्डन के पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. अब इस विवाद पर भारतीय विकेटकीपर बल्लबाज श्रीवत्स गोस्वामी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. गोस्वामी का कहना है कि क्यूरेटर तो प्लेयर्स को ईडन गार्डन में ट्रेनिंग करने भी नहीं देते थे.
ADVERTISEMENT
दरअसल केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे का कहना था कि उनके घरेलू मैदान ईडन गार्डंस के पिच क्यूरेटर ने फ्रेंचाइज की मांग पर पिच बनाने से मना कर दिया था. अब इस विवाद पर आईपीएल में केकेआर, आरसीबी, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेल चुके बंगाल के खिलाड़ी गस्वामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा-
फैक्ट: ईडन गार्डन के क्यूरेटर का घरेलू कप्तान की बात ना सुनना कोई नई बात नहीं है. एक दशक से अधिक समय तक बंगाल के लिए खेलने के बाद मैंने इसे करीब से देखा है. घरेलू टीम के रूप में हम होम एडवांटेज लेने के लिए हम एक निश्चित पिच की मांग करते थे, लेकिन शायद ही कभी ऐसा हो पाता था.
वास्तव में क्यूरेटर हमें ईडन गार्डन में ट्रेनिंग भी नहीं लेने देते थे, चक्कर भी नहीं लगाने देते थे, क्योंकि जाहिर तौर पर 'घास खराब हो जाती थी'. दूसरी ओर मैं अपने साथ वाले कर्नाटक के खिलाड़ियों को चिन्नास्वामी स्टेडियम में दौड़ते हुए देखता था.
ये भी पढ़ें: 'कमिंस और शमी...', LSG के खिलाफ हार के बाद सनराइजर्स हैदराबाद पर लगा बड़ा आरोप
क्या था पूरा मामला?
केकेआर को घरेलू मैदान में जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलरु के हाथों हार मिली तो रहाणे ने कहा था कि पिच थोड़ी ऐसी होनी चाहिए, जिससे उनके स्पिनर्स को मदद मिले, मगर सुजान मुखर्जी ने फ्रेंचाइज की मांग पर पिच बनाने से मना कर दिया था.रहाणे के बयान के बाद मुखर्जी ने खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने बीसीसीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार पिच तैयार की और उन्होंने केकेआर को कभी किसी बात से मना नहीं किया था. किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी ने उनसे मैच से पहले पिच को लेकर बात नहीं की थी.
ADVERTISEMENT