‘मैं बस एक खोखला इंसान बनकर रह गया था’, KKR की टीम में कैसे हुई फिन एलन की तूफानी वापसी? जीत के बाद खोला राज

फिन एलन ने कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ पहले दो मैचों में आईपीएल 2026 की अच्छी शुरुआत की, लेकिन अगले 3 मैचों में वह फ्लॉप रहे, जिसके चलते आखिरकार उनकी जगह टिम सीफ़र्ट को शामिल कर लिया गया. तीन मैचों में बाहर रहने के बाद फिन एलन की टीम में वापसी हुई और फिर इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

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फिन एलन ने 35 गेंदों में 93 रन बनाए. (PC: IPL X)

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फिन एलन ने 35 गेंदों में 93 रन बनाए.

एलन को कुछ मैचों से बाहर कर दिया गया था.

इस साल मार्च में फिन एलन के सितारे चमक रहे थे. उन्होंने ईडन गार्डंस में T20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 33 गेंदों में शतक बनाया, जो टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे तेज शतक था और न्यूज़ीलैंड को फाइनल में पहुंचाया. जहां उनकी टीम भारत के ख‍िलाफ रनरअप रही. वर्ल्ड कप के बाद एलन सबसे ज्यादा चर्चा में रहे. महीने के आखिर में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ आईपीएल 2026 की अच्छी शुरुआत की. मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ पहले दो मैचों में 37 (17) और 28 (7) रन बनाए, लेकिन अगले 3 मैचों में उन्होंने 6(7), 9(8) और 1(3) रन बनाए, जिसके चलते आखिरकार उनकी जगह उनके कीवी ओपनिंग पार्टनर टिम सीफ़र्ट को टीम में शामिल कर लिया गया.

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तीन मैचों में बाहर रहने के बाद उनकी टीम में वापसी हुई और फिर इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने इसके बाद 29 (13), 100*(47) और 18 (8) रन बनाए. बीते दिन भी ईडन गार्डंस में उन्होंने गुजरात टाइटंस के ख‍िलाफ सिर्फ 35 गेंदों में 93 रनों की तूफ़ानी पारी खेलकर टीम को जीत द‍िला दी. इस पारी में 10 छक्के और 4 चौके शामिल थे, जिसने KKR को प्लेऑफ़ की दौड़ में बनाए रखा. 

खुद पर डाल रहे थे बहुत ज़्यादा दबाव

मैच के बाद उन्होंने बताया कि कुछ मैच बाहर बैठने के बाद टीम में उनकी वापसी कैसे हुई. उन्होंने जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सच कहूं तो टूर्नामेंट की शुरुआत में वह अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खुद पर बहुत ज़्यादा दबाव डाल रहे थे. उस दौरान वह शायद कुछ समय के लिए बस एक खोखले इंसान बनकर रह गये थे और यह सब उन्होंने खुद ही अपने ऊपर थोपा था. इसलिए उन्हें लगता है कि अगर आप टीम से बाहर होते हैं, तो आपको आराम करने और सांस लेने का समय मिलता है और शायद आप चीजों को एक अलग नजरिए से देख पाते हैं.

उन्होंने कहा कि वह उस समय बैटिंग का उतना मज़ा नहीं ले पा रहा था, जितना उन्हें लेना चाहिए था, क्योंकि वह खुद पर बहुत ज़्यादा दबाव डाल रहे थे. इसलिए उन कुछ मैचों में न खेलना उनके लिए सच में फायदेमंद रहा और यह एक बहुत बड़ी सीख है. 

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