आईपीएल 2026 मैचों से ज्यादा विवादों के कारण छाया रहा. जिस वजह से बीसीसीआई को सीजन के बीच में ही अनुशासन से जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी करनी पड़ी. खिलाड़ियों के होटल के कमरों में अनाधिकृत लोगों का पाया जाना, फ्रेंचाइज मालिकों का प्रतिबंधित ऑपरेशनल जोन में घुसना, डगआउट के अंदर फ़ोन का इस्तेमाल और बोर्ड की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई द्वारा 'हनी-ट्रैपिंग' से जुड़ी संभावित कमज़ोरियों के बारे में दी गई चेतावनियों के बाद बोर्ड ने सख्त गाइडलाइंस जारी की.
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राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर ड्रेसिंग रूम के अंदर वेपिंग करने और पंजाब किंग्स के स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की व्लॉगिंग को लेकर भी बवाल मचा. सोशल मीडिया के कारण भी खिलाड़ी चर्चा में रहे. सीजन के बीच में नई गाइडलाइंस जारी करने को लेकर आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने वजह बताई.
खेल की गरिमा बनाए रखने की कोशिश
इंडिया टुडे से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या गवर्निंग काउंसिल ने इस बात पर विचार किया कि खिलाड़ी सोशल मीडिया पर क्या करते हैं, उसे कैसे नियंत्रित किया जाए तो इस सवाल के जवाब में धूमल ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो ज़्यादातर चीजें होती हैं, उनके असली होने या सच होने के बारे में कोई हमेशा पक्का नहीं कह सकता, लेकिन खेल की गरिमा बनाए रखने के लिए उन्हें जो कुछ भी करना होता है, वह अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करते हैं.
टूर्नामेाट पर बुरा असर पड़ने से सभी को नुकसान
सीजन के बीच में जारी की गाइडलाइंस को वे किसी आपातकालीन प्रतिक्रिया के बजाय नियमों को मजबूत करने के तौर पर देखते हैं. उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य निर्देश है, जो पहले से ही मौजूद थे, लेकिन जो छोटी-मोटी घटनाएं हुईं, उसे देखते हुए उन्होंने इन निर्देशों को और मज़बूती से लागू करने के बारे में सोचा. उन्होंने भरोसा जताया कि सभी फ़्रैंचाइज़ अपनी ज़िम्मेदारियों को अच्छी तरह से समझती हैं और उनका पालन करती हैं, क्योंकि ऐसा नहीं है कि अगर टूर्नामेंट पर कोई बुरा असर पड़ता है, तो उससे सिर्फ BCCI को ही नुकसान होगा, बल्कि इसका असर सभी पर पड़ेगा. उन्होंने सोशल मीडिया को लेकर अपनी राय रखते हुए आगे कहा कि
सोशल मीडिया, मैं कहूंगा, सबसे ज़्यादा असामाजिक चीज है. इसलिए मैं व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया के पक्ष में नहीं हूं.
अरुण धूमल का मानना है कि खिलाड़ियों और व्यक्तियों के तौर पर आपस में मेल-जोल बहुत जरूरी है, लेकिन दुर्भाग्य से वह इसे सबसे ज़्यादा असामाजिक चीज मानते हैं.
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