केएल राहुल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ 25 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में नाबाद 152 रन की पारी खेलते हुए इतिहास रचा. इस बल्लेबाज ने 67 गेंद का सामना किया और 16 चौके व नौ छक्के लगाए. इसके जरिए केएल राहुल पहले भारतीय बल्लेबाज बने जिन्होंने आईपीएल में 150 प्लस का स्कोर बनाया है. साथ ही यह आईपीएल इतिहास का तीसरा सर्वोच्च निजी स्कोर है. इस पारी में राहुल की स्ट्राइक रेट 226.87 की रही. एक समय था जब यह बल्लेबाज स्ट्राइक रेट के सवाल पर उखड़ जाता था और कहता था कि यह ओवररेटेड है. लेकिन पंजाब के खिलाफ विस्फोटक पारी खेलने के बाद राहुल के विचार बदले हुए दिखे.
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दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे राहुल ने कहा कि वह टी20 क्रिकेट की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं. अब इस खेल में समय नहीं बचा है. राहुल ने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए कहा, 'मैं टी20 क्रिकेट की रफ्तार को पकड़ रहा हूं जहां अब छक्के लगाने का इंतजार नहीं किया जा सकता. टी20 क्रिकेट में अब बाद का समय नहीं बचा है. वनडे क्रिकेट में समय है जहां कह सकते हैं कि दो ओवर थम जाता हूं फिर हमला करूंगा. लेकिन ओपनर के तौर पर टी20 क्रिकेट खेलते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने वाले सफल खिलाड़ियों को देखा और सीखा कि अब यह सोचने का समय नहीं है कि मैं अगले ओवर से बड़े शॉट लगाऊंगा.'
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राहुल ने पंजाब के सामने 47 गेंद में शतक पूरा किया जो आईपीएल में उनका सबसे तेज है. इससे पहले उनका सबसे तेज आईपीएल शतक 56 गेंद में आया था. उन्होंने कहा कि अब टी20 क्रिकेट में छक्के लगाना प्राथमिकता बन गई है. उन्होंने कहा, 'थोड़ा अलग होकर मैंने देखा कि टी20 क्रिकेट कहां चला गया है. और आज के समय में टी20 क्रिकेट की क्या मांग है. टी20 वर्ल्ड कप देखते हुए, नौजवानों को आते ही पहली गेंद से बड़े शॉट लगाते देखकर सीखा. मैंने छक्के लगाने पर बात की और मुझे इस पर काम करने की जरूरत थी और खुद को क्रीज पर जाकर शॉट लगाने की आजादी दी.'
राहुल बोले- अब समय नहीं लिया जा सकता
राहुल ने माना कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में परंपरागत तरीका अब कारगर नहीं है. उन्होंने कहा, 'एक समय था जब टी20 खेल थोड़ा अलग था जहां मैं एक ओपनर के रूप में थोड़ा समय ले सकता था और फिर पारी को तेज कर सकता था लेकिन आज की मांग है कि पहले छह ओवर सबसे अहम है. पावरप्ले का मतलब है कि ज्यादा से ज्यादा रन बनाए जाए और बॉलिंग को दबाव में डाला जाए.'
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