सूर्यकुमार यादव की बहुत ही खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. न तो इस साल टी20 वर्ल्ड कप में उनका बल्ला चल पाया और न ही आईपीएल में, ऐसे में उनकी कप्तानी पर भी खतरा मंडराने लगा है. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए टीम चुनने के लिए जब चयरनकर्ताओं की मीटिंग होगी तो सूर्यकुमार यादव ही चर्चा का मुख्य विषय होंगे. भले ही उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को टी20 वर्ल्ड जिताया, मगर उनकी फॉर्म की काफी आलोचना हो रही है. ऐसे में उनकी जगह लेने के लिए कई नामों की चर्चा शुरू हो चुकी है, जिनमें शुभमन गिल, तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर, इशान किशन और अक्षर पटेल शामिल हैं.
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जब ये रिपोर्टें सामने आने लगीं तो एक और नाम का जिक्र भी हुआ था, जो अब लगभग गायब ही हो गया है और वो नाम है संजू सैमसन. टी20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीतने के बाद केरल के इस स्टार खिलाड़ी का कद काफी बढ़ गया था और उन्हें सूर्यकुमार की जगह लेने का एक मज़बूत दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि उसी समय सूर्यकुमार अपनी फॉर्म खो बैठे थे.
सैमसन की निरंतरता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं
हालांकि टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में अब यह दावा किया गया है कि फैसला लेने वाले लोग अभी भी इस फ़ॉर्मेट में सैमसन की निरंतरता को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं. रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से कहा गया है कि अक्षर पटेल वर्ल्ड कप के लिए उप-कप्तान थे. इशान किशन के पास उम्र, फ़ॉर्म और कप्तानी की काबिलियत है और फिर संजू सैमसन का नाम भी चर्चा में है. सैमसन के पक्ष में हालिया प्रदर्शन का फ़ायदा है, लेकिन उनकी लगातार न बनी रहने वाली फ़ॉर्म से अहम लोग खुश नहीं हैं.
सैमसन के साथ जुड़ा है अस्थिर का टैग
सोर्स का कहना है कि अस्थिर (Inconsistent) एक ऐसा टैग है जो सैमसन के साथ तब से जुड़ा हुआ है, जब उन्होंने 2015 में एक टीनएजर के तौर पर भारत के लिए डेब्यू किया था. उस समय वह देश के सबसे आक्रामक खिलाड़ियों में से एक थे, लेकिन उन्हें वह सपोर्ट नहीं मिला, जो ज़्यादा रन बनाने वाले रवैया रखने वाले दूसरे खिलाड़ियों को मिला था. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स में अपने आखिरी सालों में फिर से अपनी दावेदारी मजबूत करना शुरू किया. 2024 तक उन्होंने 484, 458, 362 और 561 रन बनाए, जिसके बाद 2025 का साल चोटों से भरा रहा.
भारतीय टीम के साथ उन्हें शुरू में शुभमन गिल के लिए जगह बनाने के लिए मिडिल-ऑर्डर में भेज दिया गया था और खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद T20 वर्ल्ड कप से पहले गिल को भी नजरअंदाज कर दिया गया, लेकिन सैमसन फिर भी इशान किशन से पिछड़ गए. सैमसन को टूर्नामेंट के बीच में वापसी का मौका मिला और उन्होंने इसका पूरा फ़ायदा उठाते हुए लगातार तीन नॉकआउट मैचों में तीन मैच जिताने वाली हाफ-सेंचुरी बनाईं. इसके बाद उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी एक अच्छा सीजन खेला, जिसमें उन्होंने 43.36 की औसत और 165.63 के स्ट्राइक-रेट से 477 रन बनाए.
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