आईपीएल 2026 सीजन में लीग स्टेज के अंत के करीब केकेआर, मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों ने कुछ अहम कदम उठाए. मुंबई की टीम से दो खिलाड़ी चोट के चलते आखिर में बाहर हुए, जिसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने भी एक बदलाव किया और केकेआर ने आखिरी मैच से पहले 18 करोड़ रुपये के मथीषा पथिराना के रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया. इसके बाद अब आईपीएल के एक रिप्लेसमेंट नियम की चर्चा सामने आई है, जिससे संकेत मिलता है कि फ्रेंचाइजियां शायद पुराने खिलाड़ियों को अगले सीजन अपनी टीम में बनाए रखना नहीं चाहतीं.
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मुंबई, केकेआर और राजस्थान ने क्या बदलाव किए?
मुंबई इंडियंस की टीम से आखिरी मैच से पहले क्विंटन डिकॉक और राज बावा चोट के चलते बाहर हुए. उनकी जगह महिपाल लोमरोर और रुचित अहिर को टीम में शामिल किया गया. वहीं, राजस्थान रॉयल्स की टीम से ईमानजोत सिंह बाहर हुए और उनकी जगह रवि सिंह को शामिल किया गया. इसके अलावा, केकेआर की टीम से आखिरी मैच से पहले मथीषा पथिराना बाहर हुए और उनकी जगह लवनीथ सिसोदिया को टीम में जोड़ा गया.
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आईपीएल रिप्लेसमेंट का क्या है नियम?
अब सवाल यह उठता है कि जब सिर्फ एक मैच ही बाकी रह गया था, तो आखिर इतने रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों को अंत में क्यों शामिल किया गया? इस पर स्पोर्ट्स स्टार से बातचीत में बोर्ड के एक सूत्र ने बताया कि 12 मैच या उससे पहले जो भी खिलाड़ी चोटिल होता है या फिर उसका रिप्लेसमेंट लिया जाता है, दोनों को अगले सीजन के लिए रिटेन किया जा सकता है. भले ही उनकी टीम इस बदलाव का आधिकारिक ऐलान 12 मैचों के बाद क्यों न करे. इसी नियम के चलते केकेआर, मुंबई और राजस्थान के रिप्लेसमेंट खिलाड़ी अगले साल रिटेन किए जा सकते हैं. वहीं, जिन खिलाड़ियों को चोट लगी है, उन्हें टीमें अगले सीजन से पहले रिलीज भी कर सकती हैं. यही एक बड़ा कारण माना जा रहा है कि इन टीमों ने सीजन के अंत में जाकर ये अहम बदलाव किए.
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