'वह जल्द ही भारत के लिए खेलेंगे', वैभव सूर्यवंशी के लिए रियाग पराग की बड़ी बात, गोल्डन डक पर आउट होने की वजह भी बताई

आईपीएल के इस सीजन के शुरुआती चार मैचों में 200 रन ठोकने वाले वैभव सूर्यवंशी हैदराबाद के ख‍िलाफ फ्लॉप रहे और गोल्डन डक पर आउट हो गए.

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वैभव सूर्यवंशी सनराइजर्स हैदराबाद के ख‍िलाफ गोल्डन डक पर आउट हो गए. (PC: vaibhav sooryavanshi)

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वैभव सूर्यवंशी सनराइजर्स हैदराबाद के ख‍िलाफ गोल्डन डक पर आउट हो गए.

सूर्यवंशी ने शुरुआती चार मैचों में 200 रन बनाए थे.

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कहा कि उनकी टीम की आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों सीजन की पहली हार के लिए कई कारण जिम्मेदार रहे, जिनमें उनके विस्फोटक बल्लेबाजों का गेंदों की गति को समझने में नाकाम रहना भी शामिल है. गेंदबाजी में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यशस्वी जायसवाल,वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल पहले ओवर में ही पवेलियन लौट गए, जिससे रॉयल्स की टीम को 57 रन से हार का सामना करना पड़ा. पराग ने मैच के बाद माना कि उनकी टीम की हार के लिए कई कारण जिम्मेदार रहे. गेंद हाथ से निकलने के बाद जिस गति से आ रही थी, उसे देखकर वह थोड़े हैरान रह गए थे. 
 

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आईपीएल के इस सीजन के शुरुआती चार मैचों में 200 रन ठोकने वाले वैभव सूर्यवंशी हैदराबाद के ख‍िलाफ फ्लॉप रहे और गोल्डन डक पर आउट हो गए. सूर्यवंशी के विकेट पर पराग ने कहा कि उन्हें लगता है कि सूर्यवंशी को गेंद के थोड़ा तेज गति से आने की उम्मीद थी,लेकिन वह रुककर आई.ध्रुव जुरेल के साथ भी ऐसा ही हुआ.गेंद अंदर की ओर मुड़ी. जायसवाल के विकेट पर उन्होंने कहा कि वह 10 में से नौ बार ऐसे शॉट मारते है, लेकिन इस बार गेंद रुककर उनके पास पहुंची थी. 

सही तरह से नहीं लगा पाए शॉट 

पराग भी खुद चार ही बना पाए. अपने विकेट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत ही फुल लेंथ गेंद मिली और वह उसे हिट नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे वो बदकिस्मत थे, लेकिन कई ऐसे कारण थे जिससे वह सभी अपने शॉट सही तरह से नहीं लगा पाए.  इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी संभालने वाले पराग ने कहा कि उनके गेंदबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए. उन्हें लगता है कि टीम ने अच्छी शुरुआत की थी,लेकिन फिर बीच के ओवरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. उन्हें लगता है कि वह बेहतर विकल्प ढूंढ सकते थे, विकेट का थोड़ा और इस्तेमाल कर सकते थे, धीमी गेंदों का अधिक उपयोग कर सकते थे, शायद धीमी बाउंसर, वाइड यॉर्कर या जो भी हो. 

पराग ने सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि दस साल बाद सूर्यवंशी उनकी उम्र के हो जाएंगे, इसलिए उन्हें नहीं पता कि इतनी दूर की कल्पना कैसे की जाए, लेकिन अभी के लिए उन्हें उम्मीद है कि वह वास्तव में अच्छी मानसिक स्थिति में होंगे. पराग को उम्मीद है कि सूर्यवंशी बहुत जल्द भारत के लिए खेलेंगे. 

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