क्या एमएस धोनी करने वाले हैं स्टीफन फ्लेमिंग को रिप्लेस? चेन्नई सुपर किंग्स के नए हेड कोच को लेकर चर्चा तेज

अगर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) हेड कोच के तौर पर स्टीफन फ्लेमिंग से अलग होने का फ़ैसला करती है तो पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन का मानना ​​है कि इस पद के लिए किसी नए व्यक्ति की तलाश उतनी मुश्किल नहीं होगी, जितनी लग सकती है.

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धोनी इस पूरे सीजन में चोट से जूझ रहे थे. (Photo: CSK)

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एमएस धोनी आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले.

धोनी इस पूरे सीजन में चोट से जूझ रहे थे.

चेन्नई सुपर किंग्स का आईपीएल 2026 में प्रदर्शन काफी उतार चढ़ाव वाला रहा. चेन्नई का लीग स्टेज में अभ‍ियान 14 में से छह जीत के साथ खत्म हुआ. इस सीजन में चेन्नई के प्रदर्शन को देख नए कोच को लाने की चर्चा तेज हो गई है. अगर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) हेड कोच के तौर पर स्टीफन फ्लेमिंग से अलग होने का फ़ैसला करती है तो पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन का मानना ​​है कि इस पद के लिए किसी नए व्यक्ति की तलाश उतनी मुश्किल नहीं होगी, जितनी लग सकती है. 

SRH के कोच की IPL 2026 प्लेऑफ से पहले मिडिल-ऑर्डर पर बड़ी बात

अश्विन ने X पर एक पोस्ट में मजाकिया अंदाज में इशारा किया कि इस काम के लिए एमएस धोनी खुद ही सही व्यक्ति हो सकते हैं. इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है, यह देखते हुए कि वह इस फ़्रैंचाइज का चेहरा हैं. वह पूर्व कप्तान हैं, जिन्होंने टीम को पांच खिताब जिताए हैं. उन्होंने अभी तक IPL से संन्यास नहीं लिया है, लेकिन मौजूदा सीजन ने निश्चित रूप से अटकलों को हवा दी है. चोट की वजह से धोनी इस सीजन में एक भी मैच नहीं खेले. 

2009 से चेन्नई के हेड कोच हैं फ्लेमिंग

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान फ्लेमिंग को 2009 में हेड कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां उन्होंने केपलर वेसेल्स की जगह ली थी. हालांकि वे अपने पहले साल में खिताब नहीं जीत पाए, लेकिन अगले ही साल उनका इंतजार ख़त्म हो गया और उन्होंने लगातार दो खिताब जीतकर जीत का सिलसिला शुरू कर दिया. उनका सबसे बेहतरीन दौर 2018-2023 के बीच रहा, जब उन्होंने छह साल के अंतराल में तीन ख़िताब जीते. 

चेन्नई का पुराना अंदाज खोया
 

हालांकि प‍िछले कुछ सीजन से चेन्नई अपने पुराने अंदाज में नजर नहीं आ रही. कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ भी पूरी तरह से लय से बाहर नजर आ रहे हैं, जिससे टीम के टॉप-ऑर्डर को रन बनाने में और भी ज़्यादा संघर्ष करना पड़ रहा है. गेंदबाज़ी के मोर्चे पर टीम के पास कुछ बेहतरीन प्रतिभाएँ मौजूद हैं. नूर अहमद 'पर्पल कैप' की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे और अब अंशुल कंबोज भी अपनी ज़बरदस्त क्षमता का प्रदर्शन किया. हालांकि यह कभी भी एक सही, अच्छी तरह से तैयार बॉलिंग यूनिट की तरह महसूस नहीं हुई.

बैटिंग और बॉलिंग दोनों में रणनीतिक कमियां नज़र आने के साथ ही लीडरशिप में बदलाव का सवाल पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा होता जा रहा है, जिसकी वजह से यह फ्रेंचाइज लगातार तीन सीजन तक प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही है. अगर चेन्नई अपने कोचिंग स्टाफ में बदलाव करने का फैसला करती है, तो अश्विन ने यह साफ कर दिया है कि दुनिया के क्रिकेट में सबसे काबिल उम्मीदवार पहले से ही उनके डगआउट में मौजूद है. 

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