रोहित शर्मा को क्यों दी गई अवैध बैट से बैटिंग की इजाजत? सात से ज्यादा बार कोशिश के बाद भी गेज से नहीं निकला बैट,अब मचा बवाल, Video

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख‍िलाफ मैच में रोहित शर्मा का बल्ला कई बार गेज में फंस गया. इसके बावजूद उन्हें उसी बैट करने खेलने की इजाजत दी गई.

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रोहित शर्मा का बैट गेज टेस्ट से फेल हो गया था. (PC: x)

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रोहित शर्मा के बैट को गेज से पार कराने की काफी कोश‍िश की गई.

रोहित शर्मा का बैट गेज टेस्ट से फेल हो गया था.

रोहित शर्मा ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख‍िलाफ अवैध बैट से बैटिंग की. पारी की शुरुआत से ठीक पहले बाउंड्री पर उनका बैट चेक किया गया, मगर उनका बैट पहली कोशिश में गेज टेस्ट पास नहीं कर पाया. इसके बाद भी रोहित अपने उसी बल्ले को लेकर अड़े रहे, जिसके बाद अध‍िकारी ने सात से ज्यादा बार गेज से उनके बल्ले को निकालने की भरपूर कोश‍िश की, मगर फिर भी उनके बल्ले को गेज से पार नहीं करा पाए, जिसके बाद रोहित ने अपना बैट नहीं बदला, बल्क‍ि उसी बैट के साथ बैटिंग की. जिसके बाद नियमों पर सवाल उठने लगे हैं. नियमों को लेकर भेदभाव का भी आरोप लगा है. आमतौर पर बल्लेबाजों के बल्ले को गेज टेस्ट पास करने के लिए इतने अध‍िक मौके नहीं मिलते. 

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जब अधिकारी ने पाया कि रोहित का बल्ला 'गेज टेस्ट' में पास नहीं हुआ, तो मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान ने अधिकारी को यह समझाने की कोशिश की कि उनके बल्ले में कोई खराबी नहीं है. यह देखकर हैरानी हुई कि तिलक वर्मा भी इस चर्चा में शामिल हो गए थे और वह भी अध‍िकारी को समझाते नजर आए. जिसके बाद रोहित को उसी बल्ले से खेलने की मंजूरी मिल गई. बाद में तिलक को यह कहते हुए सुना गया कि शायद अधिकारी ने गेज को गलत तरीके से पकड़ा हुआ था. 

 

रिटायर्ड हर्ट हुए रोहित 

हालांकि रोहित ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं रह पाए और 13 गेंदों में 19 रन बनाकर 'रिटायर्ड हर्ट' हो गए थे. वह इस दौरान हैमस्ट्रिंग के दर्द से जूझते नजर आए. मुंबई 240 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही और 18 रनों से पीछे रह गई. IPL 2025 में ज्यादा सख़्ती से लागू किए गए बैट गेज टेस्ट के तहत ऑन-फील्ड अंपायरों को मैचों के दौरान बैट के साइज की रैंडम जांच करने की इजाजत है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके. पहले ये जांच सिर्फ ड्रेसिंग रूम तक ही सीमित थीं, लेकिन 2025 से अधिकारियों को मैच के दौरान भी ये जांचें करने की अनुमति दे दी गई है. 

नियमों के मुताबिक बैट के फेस की चौड़ाई 4.25 इंच (10.79 cm) से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए. बैट के किनारे की ज़्यादा से ज़्यादा मोटाई 1.56 इंच (4 cm) तय की गई है, जबकि बीच का उभरा हुआ हिस्सा 2.64 इंच (6.7 cm) से ज़्यादा नहीं हो सकता. बैट की पूरी लंबाई 38 इंच (96.4 cm) के अंदर ही होनी चाहिए. 

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