IPL 2026 में खेली गई वैभव सूर्यवंशी की हर पारी के साथ भारत के लिए उनके संभावित डेब्यू को लेकर चर्चा और भी तेज होती गई. इस सप्ताह के शुरुआत में यह चर्चा उस वक्त और तेज हो गई, जब उन्होंने प्लेऑफ में अलग-अलग तरह के हालात में 90 के स्कोर वाली दो बेहद सधी हुई पारियां खेलीं. इससे यह साबित हो गया कि वह महज एक तेज स्ट्राइक रेट और छक्के लगाने वाले खिलाड़ी से कहीं बढ़कर हैं.
ADVERTISEMENT
RCB vs GT: पिच-वेदर रिपोर्ट, हेड टू हेड, प्लेइंग XI,लाइव स्ट्रीमिंग की डिटेल्स
पूरे सीजन के दौरान 15 साल के इस खिलाड़ी को लेकर चर्चाएं होती रहीं. कभी उनकी तुलना महान सचिन तेंदुलकर से की गई तो कभी यह बात उठी कि BCCI को उनके भारत के लिए T20I डेब्यू में देरी क्यों नहीं करनी चाहिए. अब सचिन तेंदुलकर ने चीफ सेलेक्टर्स अजीत अगरकर के सामने सूर्यवंशी की पैरवी की. क्रिकइंफो के एक इवेंट में अगरकर की मौजूदगी में तेंदुलकर ने कहा कि वह सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेंगे, लेकिन अभी नहीं, बल्कि आगे चलकर.
समस्याओं का हल ढूंढने पर ज़ोर
तेंदुलकर ने कहा कि वह सूर्यवंशी ये यही कहेंगे कि वह बस जैसे हैं, वैसे ही रहे. हर चीज की शुरुआत कभी न कभी होती ही है. टेस्ट क्रिकेट में, उम्र के साथ-साथ वह यह भी सीख जाएंगे कि अलग-अलग तरह की चुनौतियों का सामना कैसे करना है. यह सब एक ऐसा नजरिया रखने के बारे में है, जो समस्याओं का हल ढूंढने पर ज़ोर दे. उन्होंने आगे कहा कि सूर्यवंशी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बहुत आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं. उन्हें बहुत अच्छी तरह पता होता है कि उन्हें क्या करना है और वह सूर्यवंशी के स्वाभाविक नेचर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करना चाहेंगे.
सावधानी बरतने की सलाह
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेंगे तो तेंदुलकर ने तुरंत ही उनके भारत में डेब्यू को लेकर बढ़ रही चर्चाओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस युवा खिलाड़ी को भारत के लिए खेलने के लगातार दबाव से न दबाएं, बल्कि उसे प्रोत्साहित करें और उसका समर्थन करें. टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो तेंदुलकर ने साफ कर दिया कि वह एक दिन सूर्यवंशी को इस पारंपरिक फॉर्मेट में खेलते देखना चाहेंगे, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस युवा खिलाड़ी पर जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए.
सेलेक्टर्स का काम
तेंदुलकर ने कहा कि जब अजीत यहां बैठे हैं, तो उन्हें अपनी कही बातों को लेकर थोड़ा सावधान रहना होगा. वह कोई सेलेक्टर नहीं हैं. सिर्फ वहीं नहीं, बल्कि हर कोई सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए किसी न किसी मोड़ पर देखना चाहेगा. उन्हें नहीं पता कि ऐसा कब होगा. उन्होंने कहा कि अगर सूर्यवंशी अच्छा कर रहा है तो सभी को उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए. उन पर लगातार यह दबाव नहीं डालना चाहिए कि उन्हें यह खेलना चाहिए या यह नहीं करना चाहिए या उन्हें किस टीम में चुना जाना चाहिए. यह काम सेलेक्टर्स पर छोड़ दें जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं.
ADVERTISEMENT










