आईपीएल 2026 के आगाज में अब तीन दिन बाकी है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच इस सीजन का ओपनिंग मैच खेला जाएगा. लीग में हिस्सा लेने वाली सभी 10 टीमों ने अपनी कमर कस ली है. साथ ही प्लेयर्स भी अपनी लीग में अपनी किस्मत को चमकाने के लिए तैयार हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मंगेश यादव भी कई सपनों के साथ लीग के लिए तैयार हैं.
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मध्य प्रदेश के मंगेश और उनके परिवार के लिए यह किसी सपने से कम नहीं है. बेंगलुरु (RCB) ने उन्हें ऑक्शन में 5.20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया था और इसी के साथ ही उनके परिवार के सालों के संघर्ष का अंत भी हो गया. मध्य प्रदेश के रहने वाले मंगेश एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता राम अवध यादव एक ट्रक ड्राइवर हैं, जो सुबह 3 बजे उठकर परिवार का पेट पालने के लिए खतरनाक सड़कों पर ट्रक चलाते हुए पूरा-पूरा दिन बिता देते थे.
उधार और कर्ज
मंगेश के पिता ने अपने बेटे के क्रिकेट सफर में उसका साथ देने के लिए बहुत सी मुश्किलें सहीं. सालों तक परिवार की आर्थिक हालत बहुत तंग रही. उनके पिता को कोचिंग, सामान और सफर के खर्चों के लिए पैसे उधार लेने पड़े और कर्ज भी लेना पड़ा. जब उन्हें IPL में खेलने का मौका मिला, तब भी उनका परिवार छिंदवाड़ा शहर से लगभग 75 किलोमीटर दूर बोरगांव में एक किराए के मकान में ही रह रहा था.
टेंशन में गुजरता था दिन
इंडिया टुडे के अनुसार मंगेश के पिता का कहना है कि उन्हें पैसों के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. कभी-कभी तो वह रात भर सो भी नहीं पाते थे, बस यही सोचता रहते थे कि बेटे के लिए पैसे कैसे जुटाऊंगा. एक ट्रक ड्राइवर की जिंदगी कोई ज़िंदगी ही नहीं होती. खाने या नहाने तक का समय नहीं होता. जब ट्रक भरा होता है, तो उसे खाली करने की चिंता सताती है और जब वह खाली होता है, तो उसे फिर से भरने की चिंता करनी पड़ती है.
मंगेश को IPL में एक अच्छी डील मिलने के बाद परिवार अब कुछ आर्थिक राहत की उम्मीद कर सकता है और IPL 2026 बस कुछ ही दिन दूर है. मंगेश को इस सीजन डेब्यू का मौका मिल सकता है, क्योंकि मौजूदा चैंपियन टीम के लिए यश दयाल उपलब्ध नहीं हैं.
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