भारतीय क्रिकेट से एक चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है. अब नए ऑफ स्पिनर और लेग स्पिनर सामने नहीं आ रहे हैं. यह जानकारी घरेलू क्रिकेट के आंकड़ों के साथ ही आईपीएल में खेल रहे भारतीय स्पिनर्स की संख्या से निकलकर सामने आई है. आईपीएल 2026 में इकलौते भारतीय ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर हैं जिन्होंने 30 से ज्यादा गेंद फेंकी हैं. उन्होंने भी इस सीजन अभी तक कुल 43 गेंद यानी सात ओवर के करीब कराए हैं. साथ ही सभी स्पिनर्स को गिना जाए तो केवल नौ ही ऑफ स्पिनर्स ने इस सीजन बॉलिंग की है. इनमें से ज्यादातर पार्ट टाइम स्पिनर हैं. ऐसा ही हाल लेग स्पिनर्स का है.
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आईपीएल में भारतीय कलाई के स्पिनर्स में अभी भी कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती ही लगातार खेल रहे हैं. नए नामों में रघु शर्मा, सुयश शर्मा, यश राज पंजा, दिग्वेश राठी, और शिवांग कुमार के नाम सामने आए हैं. अगर रणजी ट्रॉफी के आंकड़ों को देखा जाए तो पिछले दो सीजन मे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में एक भी ऑफ स्पिनर या लेग स्पिनर नहीं है. इस लिस्ट में बाएं हाथ के अंगुली के स्पिनर के नाम सबसे ऊपर हैं. इनमें हर्ष दुबे, सिद्धार्थ देसाई, मयंक मिश्रा, शम्स मुलानी और जगदीश सुचित शामिल हैं. आंकड़े बताते हैं कि 2021 से मुंबई के मुलानी ने लाल गेंद क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लिए हैं. इस अवधि में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-10 स्पिनर्स में से नौ बाएं हाथ के स्पिनर हैं. एक नाम जलज सक्सेना का है जो ऑफ स्पिनर हैं.
बाएं हाथ के फिरकी गेंदबाजों की हुई मौज
आईपीएल में भी बाएं हाथ के फिरकी गेंदबाजों की ही खेलने के ज्यादा मौके मिल रहे हैं. इनमें रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल जैसे सुपरस्टार्स के साथ ही मानव सुथार, हरप्रीत बराड़, हर्ष दुबे, मणिमारन सिद्धार्थ, अनुकूल रॉय, शाहबाज अहमद, आर साई किशोर, क्रुणाल पंड्या के नाम आते हैं. भारतीय क्रिकेट में ऑफ व लेग स्पिनर्स की घटती संख्या पर पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान ने स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कहा, 'समस्या यह है कि आज की पीढ़ी क्रिकेट नहीं सीखती, वह इवेंट सीखती है जैसे- टी20, वनडे या टेस्ट क्रिकेट. इसलिए यह पीढ़ी बॉलिंग नहीं सीख रही बल्कि इवेंट के हिसाब से गेंदबाजी सीख रही. अगर ध्यान इवेंट पर रहेगा तब समस्या बढ़ती रहेगी.'
पूर्व क्रिकेटर्स ने बताया क्यों ऑफ और लेग स्पिनर्स की हुई कमी
पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर वेंकटपति राजू ने इस बारे में कहा, 'इससे पहले एक स्पिनर दिन में 20-30 ओवर बॉलिंग करता था. अब वे केवल चार ओवर कराते हैं. वे पर्याप्त बॉलिंग नहीं करा रहे और न ही बेसिक्स पर काम कर रहे. पिछले साल जब मैं दिल्ली कैपिटल्स के साथ था तब मेरी फाफ डु प्लेसी से बात हो रही थी. उन्होंने कहा कि जब से स्विच हिट खेल में आया है तब से ऑफ स्पिनर गायब होने लग गए. अब गलती की बहुत कम गुंजाइश बची है और बल्लेबाज स्विच हिट के जरिए छक्के लगा रहे हैं.'
भारत के लिए टेस्ट में कौन करेगा ऑफ स्पिन बॉलिंग
भारतीय क्रिकेट को आने वाले समय में टेस्ट फॉर्मेट में आर अश्विन जैसे दिग्गज की जगह भरने में समस्या हो सकती है. अभी सुंदर ने उनकी जगह ली है लेकिन वे वैसा असर नहीं डाल पाए हैं. दिक्कत यह है कि इतने विकल्प भी घरेलू क्रिकेट में नहीं है कि उन्हें लिया जा सके. तनुष कोटियन, युवराज सिंह डोडिया, सारांश जैन, हिमांशु सिंह जैसे बहुत कम ऑफ स्पिनर घरेलू क्रिकेट में खेल रहे हैं.
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