विराट कोहली क्लीन बोल्ड होने के बाद क्यों देखते रहे पिच ? संजय मांजरेकर ने बताई अंदर की बात

आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने विराट कोहली को क्लीन बोल्ड किया तो कोहली कुछ देर तक पिच को देखते रहे, जिस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने बड़ा बयान दिया है.

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Virat Kohli after being clean bowled

क्लीन बोल्ड होने के बाद विराट कोहली

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प्रिंस यादव ने विराट कोहली को किया क्लीन बोल्ड

आउट होने के बाद कुछ देर तक पिच देखते रहे विराट

आईपीएल 2026 सीजन के दौरान क्रिकेट के किंग कहे जाने वाले विराट कोहली को लखनऊ के प्रिंस यादव ने क्लीन बोल्ड कर दिया. प्रिंस यादव की अंदर आती गेंद को कोहली भांप नहीं सके और क्लीन बोल्ड होने के बाद कुछ पल तक पिच को खड़े-खड़े देखते रहे. अब भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने बताया कि कोहली ने ऐसा क्यों किया और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का नाम लेकर महान बल्लेबाजों की एक बड़ी निशानी बताई.

विराट कोहली कैसे हुये क्लीन बोल्ड ?

आरसीबी के लिए विराट कोहली 213 रन के लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरे. उनके सामने पारी के दूसरे और अपने स्पेल के पहले ओवर में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव थे. प्रिंस ने पहली गेंद डॉट फेंकी और उसके बाद दूसरी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर हार्ड लेंथ पर डाली. गेंद ने कट लेते हुए दिशा बदली और सीधा विराट कोहली का ऑफ स्टंप उड़ा दिया. इस गेंद को कोहली भांप नहीं सके और खड़े होकर देखते रह गए. जैसे ही वह बोल्ड हुए, तो थोड़ी देर तक उन्होंने पिच को देखा. आईपीएल इतिहास में नौ साल बाद वह रन चेज के दौरान शून्य पर आउट हुए, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए.

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संजय मांजरेकर ने क्या कहा ?

भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया पर कहा,

विराट कोहली ने जिस तरह क्लीन बोल्ड होने के बाद पिच को देखा, ठीक उसी तरह सचिन तेंदुलकर भी अपने करियर के अंतिम दौर में ऐसा करने लगे थे. यह महान बल्लेबाजों की एक बड़ी निशानी होती है. ये खिलाड़ी ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे कभी भी अपना आत्मविश्वास गिरने नहीं देते. क्लीन बोल्ड होने के बाद वे थोड़ी देर पिच को इसलिए देखते हैं, मानो पिच ने उन्हें धोखा दिया हो या गेंद पिच की वजह से नीचे रह गई हो या ज्यादा मूव कर गई हो. उनकी जगह कोई भी बल्लेबाज होता तो आउट हो जाता.

 

संजय मांजरेकर ने आगे कहा,

एक महान बल्लेबाज और बाकी बल्लेबाजों में यही अंतर होता है. महान बल्लेबाज जब क्लीन बोल्ड होता है तो वह अपने कॉन्फिडेंस को गिरने नहीं देता, बल्कि पिच को दोष देकर आगे बढ़ जाता है. वहीं बाकी बल्लेबाज क्लीन बोल्ड होने के बाद अपना आत्मविश्वास खो देते हैं. एक महान बल्लेबाज और साधारण बल्लेबाज में यह भी एक बड़ा अंतर है.

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