नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सीजन में सबसे बड़ी प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) जारी है. जिसके एलीट ग्रुप एच में तमिलनाडु (Tamil Nadu) की तरफ से दो जुड़वां भाईयों की जोड़ी ने शतक जड़कर इतिहास रच डाला है. तमिलनाडु (Tamil Nadu) की तरफ से बाबा इंद्रजीत (Baba Indrajith) और बाबा अपराजित (Baba Aparajith) जुड़वां भाइयों ने गुवाहाटी के नेहरू स्टेडियम में शानदार शतक जड़े. जिससे तमिलनाडु (Tamil Nadu) की टीम ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की टीम पर न सिर्फ शिकंजा कसा बल्कि इन दोनों भाइयों की जोड़ी शतक जड़ने वाली रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली जोड़ी बन गई है. रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब दो जुड़वां भाइयों की जोड़ी ने एक ही टीम से खेलते हुए शतक लगाया है.
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59 रन पर तमिलनाडु के गिरे दो विकेट
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के खिलाफ मैच में तमिलनाडु ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. जिसके बाद तमिलनाडु की शुरुआत सही नहीं रही और 37 रन के स्कोर पर उसके सलामी बल्लेबाज कौशिक 27 रन पर रन आउट होकर पवेलियन चले गए. ऐसे में पहले झटके से तमिलनाडु उबरने की कोशिश में था कि तभी 59 रन के स्कोर पर उसे दूसरा झटका लगा और अन्य सलामी बल्लेबाज सूर्यप्रकाश भी 27 रन बनाकर चलते बने. ऐसे में दो विकेट 59 रन पर गिरने के बाद बाबा भाइयों की जोड़ी क्रीज पर थी और उन्होंने मैच का रुख पलट दिया.
बाबा भाइयों के बीच हुई 206 रन की साझेदारी
बाबा अपराजित नंबर तीन तो उनके जुड़वां भाई बाबा इंद्रजीत नंबर चार पर बल्लेबाजी करने उतरें. इन दोनों बल्लेबाजों ने न सिर्फ अपना विकेट बचाया बल्कि दोनों ने रन बनाना भी जारी रखा. छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए दोनों भाइयों के बीच तीसरे विकेट के लिए 285 गेंदों में 206 रन की साझेदारी हुई. जिसमें बाबा इंद्रजीत ने 127 रानों का योगदान दिया. इंद्रजीत ने 141 गेंदों में 127 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली और तमिलनाडु को तीसरा झटका 265 के स्कोर पर लगा. ऐसे में इंद्रजीत के जाने के बाद अपराजित का बल्ला चलना जारी रहा और उन्होंने 267 गेंदों में 15 चौके और 4 छक्के की वजह से 166 रनों की ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेलकर इतिहास रच डाला. इंद्रजीत के शतक बनाकर आउट होने के बाद जैसे ही अपराजित ने शतक पूरा किया. इन दोनों भाइयों की शतकवीर जोड़ी रणजी ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा कारनामा करने वाली पहली जोड़ी बन गई.
हमें बचपन से एक-दूसरे का साथ पसंद है
ऐसे में इतिहास रचने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए इंद्रजीत ने कहा "एक दूसरे के साथ बल्लेबाजी करना बचपन से ही पसंद है. हम हमेशा एक दूसरे को बैक करते हैं. जब पिछली बार हम दोनों ने शतक लगाए थे तो हम अलग-अलग टीम में थे लेकिन एक मैच में और तमिलनाडु के लिए ऐसा करना दोनों के लिए खास अनुभव है."
छत्तीसगढ़ पर कसा शिकंजा
वहीं बाबा भाइयों के शतक के चलते तमिलनाडु ने पहली पारी में छत्तीसगढ़ के खिलाफ 470 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर डाला. जिसके जवाब में खबर लिखे जाने तक छत्तीसगढ़ के 45 रन पर तीन विकेट गिर चुके थे और उस पर तमिलनाडु ने शिंकजा कस रखा है. पहली पारी के आधार पर छत्तीसगढ़ अभी भी 425 रन पीछे हैं.
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