ऑस्ट्रेलियाई पुरुष क्रिकेट टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है. पुराने बड़े खिलाड़ी अब करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं. कई बड़े स्टार खिलाड़ी अब अपने करियर के अंतिम समय में हैं. इसलिए टीम अब भविष्य की ओर देख रही है. टीम चाहती है कि नए चेहरे सामने आएं, जो आने वाली पीढ़ी को आगे ले जाएं.
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गेंदबाजी में नए तेज गेंदबाज ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने कहा कि टीम के लिए सबसे बड़ी मुश्किल नए तेज गेंदबाज तैयार करना होगा. उन्होंने चेन्नई में MRF पेस फाउंडेशन ग्राउंड पर बात करते हुए कहा, “इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने जो तेज गेंदबाज इस्तेमाल किए, स्कॉट बोलैंड, माइकल नेसर, झाए रिचर्डस. ये सब काफी समय से खेल रहे हैं. मतलब पुराने खिलाड़ियों की जगह सीधे नए युवा नहीं आ रहे. इसलिए अगली पीढ़ी देखने में दिलचस्प होगी.”
कमिंस, स्टार्क और हेजलवुड जैसे सितारों की जगह कौन लेगा?
मैक्ग्रा ने आगे कहा, “हमने एलिस और बियर्डमैन को देखा है. इन दोनों ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में थोड़ा अनुभव लिया है. लेकिन पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड, ये तीनों लंबे समय से टीम की कमर हैं. इंग्लैंड के खिलाफ इन्होंने पूरी गेंदबाजी संभाली. स्कॉट बोलैंड ने बहुत अच्छा किया है, लेकिन आगे चलकर सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि नई पीढ़ी इनकी जगह कैसे लेगी. T20 वर्ल्ड कप में तो टीम को अच्छा प्रदर्शन नहीं मिला. लेकिन अब देखते हैं आगे क्या होता है.”
IPL और BBL नए खिलाड़ियों के लिए मददगार
मैक्ग्रा ने कहा कि फ्रेंचाइज टूर्नामेंट इस बदलाव में बहुत मदद कर सकते हैं. उन्होंने बताया, “IPL में खेलना बहुत फायदेमंद है. वहां दुनिया भर के बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने से बहुत कुछ सीख मिलता है. बिग बैश लीग में भी अच्छा प्रदर्शन करने से फायदा होता है. जैसे कूपर कॉनोली ने BBL में काफी अच्छा खेला था. जितना ज्यादा ये लड़के खेलेंगे, जितनी सफलता मिलेगी, उतना उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. ये सब आत्मविश्वास की बात है.”
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