आईपीएल 2026 सीजन के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद क्रिकेट में कई बड़े बदलावों पर विचार कर रही है. इसी सिलसिले में 30 मई को ICC की अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में अवैध गेंदबाजी एक्शन वाले गेंदबाजों पर तुरंत कार्रवाई करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी. इस नए प्रस्ताव के तहत अगर किसी गेंदबाज के एक्शन पर संदेह होता है, तो मैदानी अंपायर तुरंत थर्ड अंपायर से संपर्क कर उसके एक्शन की जांच करा सकता है और बड़ा फैसला ले सकता है. ऐसे में अवैध एक्शन पाए जाने पर गेंदबाज को उसी समय मैदान से बाहर भी किया जा सकता है.
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अंपायर को मिलेगी नई ताकत
अब तक क्रिकेट में अवैध गेंदबाजी एक्शन पर कार्रवाई होने में काफी समय लग जाता था. कई बार गेंदबाज पूरे टूर्नामेंट में खेलते रहते थे और बाद में उनके एक्शन की जांच होती थी. इससे मैच के नतीजों पर भी असर पड़ता था. लेकिन अब ICC इस प्रक्रिया को तेज और तुरंत प्रभावी बनाने की तैयारी में है. प्रस्तावित नियम के अनुसार, मैदानी अंपायर को हॉक-आई तकनीक का इस्तेमाल करने का अधिकार मिल सकता है. इसके जरिए गेंदबाज के हाथ की मूवमेंट और आर्म एक्सटेंशन की तुरंत जांच की जाएगी. अगर एक्शन अवैध पाया गया, तो उसी समय कार्रवाई की जा सकती है.
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
एशिया कप 2025 के दौरान उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठे थे. हालांकि, बाद में ICC ने जांच के बाद उनके एक्शन को नियमों के अनुसार सही बताया था. इससे पहले सईद अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर भी सवाल उठे थे और उन्हें 2014 में बैन कर दिया गया था. बाद में उन्होंने अपने एक्शन में सुधार कर वापसी की, लेकिन वह पहले जैसी लय बरकरार नहीं रख सके. क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां गेंदबाजों के एक्शन पर काफी देर से कार्रवाई हुई. अब ICC का मानना है कि अगर जांच तुरंत हो, तो इससे खेल और खिलाड़ियों दोनों को फायदा होगा.
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