Ranji Trophy : 3 गेंदों में रहाणे का काम हुआ तमाम, टेस्ट टीम इंडिया से बाहर होने पर भी नहीं सुधार!

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नई दिल्ली। विदेशी धरती पर अपनी कप्तानी में टेस्ट टीम इंडिया (Test Team India) को साल 2020-21 दौरे पर जीत दिलाने वाले अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) इन दिनों टेस्ट टीम इंडिया (Test Team India) में अपनी जगह बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. पिछले काफी समय से बल्ला शांत होने के चलते रहाणे को श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को शामिल करने पर तरजीह दी है. ऐसे में टीम इंडिया से बाहर होने के बाद अपनी फॉर्म पाने के लिए अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) और चेतेश्वर पुजारा दोनों रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में शिरकत कर रहे हैं. इसी बीच मुंबई के लिए सौराष्ट्र के खिलाफ पहले मैच में शतक जमाने के बाद एक बार फिर रहाणे बल्ले से फ्लॉप रहे और गोवा के खिलाफ मैच में बिना खता खोले तीन गेंद खेलकर पवेलियन लौट गए. इस तरह रहाणे के आउट होते ही फिर से सवाल उठने लगे हैं कि उनका टेस्ट करियर अब खरते में हैं और ऐसा ही चलता रहा तो टेस्ट टीम इंडिया में वापसी मुश्किल होने वाली है.


तीन गेंद में आउट हुए रहाणे
दरअसल, रणजी ट्रॉफी ग्रुप डी का मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है. जिसमें मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और गोवा के गेंदबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया. मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजी करने उतरे पृथ्वी शॉ भी कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा सके और वह 9 रन बनाकर पवेलियन चलते बने. इसके बाद अन्य सलामी बल्लेबाज आकर्षित गोमेल भी 21 रन पर आउट हो गए. ऐसे में 30 रन पर दो विकेट गिरने के बाद मुंबई को साझेदारी की जरुरत थी तभी रहाणे भी तीन गेंद खेलकर शून्य पर लक्ष्य गर्ग का शिकार बन गए. रहाणे ने अपनी पारी के दौरान तीन गेंदे खेली और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. इस तरह रहाणे के आउट होने के बाद मुंबई की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई.

 

पिछले मैच में जड़ा था शतक 
वहीं रहाणे की बात करें तो पिछले मैच में उन्होंने शतक जड़कर जरूर अपनी फॉर्म के शुभ संकेत दिए थे. लेकिन इसके बावजूद श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में उनका चयन नहीं हुआ था. चयनकर्ता चेतन शर्मा ने रहाणे और पुजारा जैसे खिलाड़ियों को न शामिल करने के बारे में कहा था कि ये सभी खिलाडी रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं और इससे उन्हें मदद मिलेगी. श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ दो टेस्ट मैचों के लिए ही इन्हें बाहर किया गया है.

 

पिछले दो साल से शांत है रहाणे का बल्ला 
हालांकि रहाणे के पिछले दो साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय टेस्ट शतक जड़ा था और उसके बाद से लगातार फ्लॉप होते आ रहे हैं. साल 2020 के 4 टेस्ट मैचों में 272 रन तो उसके बाद 2021 में 13 टेस्ट में महज 20.82 की औसत से 479 रन और साल 2022 में रहाणे के बल्ले से सिर्फ दो मैचों में 68 रन ही आए हैं. इतना ही नहीं साउथ अफ्रीका में खेली गई टेस्ट सीरीज में भी रहाणे का बल्ला शांत रहा था. यही कारण है कि अब चयनकर्ता ने उनकी जगह युवाओं को आजमाने के बारे में विचार किया है. दूसरी तरफ अगर रहाणे अपनी बल्लेबाजी में सुधार नहीं करते हैं तो फिर उनके टेस्ट करियर पर भी विराम लग सकता है. 

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