बंगाल के बैटर सुदीप घरामी रणजी ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल में आंध्र प्रदेश के खिलाफ सिर्फ एक रन से ट्रिपल सेंचुरी से चूक गए. दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला बंगाल क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड पर खेला गया. ऐसे में वो पहले भारतीय और फर्स्ट क्लास इतिहास में तीसरे पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं जिन्होंने एक रन से अपना तिहरा शतक मिस किया है. इस लिस्ट में जो दो अन्य बैटर्स हैं उसमें न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो हैं जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में 299 रन बनाए थे. इसके अलावा ग्लैमॉर्नग के माइक पॉवेल हैं जिन्होंने साल 2006 में काउंटी मैच में ये कमाल किया था.
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299 पर क्लीन बोल्ड हुए घरामी
बता दें कि घरामी को आंध्र के शेख रशीद ने आउट किया. घरामी ने इस दौरान 596 गेंदों का सामना किया. इस तरह वो फर्स्ट क्लास मैच में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने वाले छठे भारतीय बने. आंध्र की टीम यहां 295 पर ढेर हो गई है, जहां मुकेश कुमार ने 5 विकेट लिए. इसके बाद बंगाल ने 629 रन ठोके. इस दौरान घरामी ने तीसरे नंबर पर बैटिंग करते हुए करियर की बेस्ट पारी खेली.
26 साल के इस बैटर ने 596 गेंदें खेलते हुए 31 चौके और 6 छक्के लगाए. घरामी सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं. घरामी के लिस्ट ए रिकॉर्ड शानदार है. उनकी औसत 50 से ज्यादा है और उन्होंने साल 2022- 23 सीजन में 800 से ज्यादा रन बनाए थे. वहीं बंगाल प्रो टी20 लीग 2025 में वो दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर थे.
घरामी का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ये पहला दोहरा शतक था. घरामी ने 38 मैचों में 36 की औसत के साथ कुल 2365 रन बना लिए हैं. इसमें उनके नाम 11 फिफ्टी और 7 शतक हैं. बंगाल के लिए दूसरे दिन बैटिंग के लिए क्रीज पर आए घरामी ने पहले तो 96 गेंदों पर फिफ्टी पूरी की. इसके बाद दिन खत्म होने तक उन्होंने 157 गेंदें खेली और शतक बनाया. फिर आगे की पारी में उन्होंने 270 गेंदों का सामना किया और 150 रन पूरे किए. इसके बाद 415 गेंदों पर उन्होंने दोहरा शतक ठोका.
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