भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में धमाका कर दिया है. उन्होंने उत्तराखंड के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपने करियर का पहला फर्स्ट-क्लास दोहरा शतक ठोक दिया है. लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में पडिक्कल के दोहरे शतक की बदौलत कर्नाटक ने दूसरे दिन यानी सोमवार को लंच ब्रेक तक पांच विकेट पर 502 रन बना लिए हैं.
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बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 288 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया. उन्होंने 330 गेंदों में 232 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 29 चौके और तीन छक्के लगाए. उनका पिछला बेस्ट स्कोर 2023-24 रणजी सीजन में पंजाब पर सात विकेट की जीत के दौरान 193 का शानदार स्कोर था. पहले दिन ओपनर मयंक अग्रवाल (5) का विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान पडिक्कल और केएल राहुल ने दूसरे विकेट के लिए 278 रन की बड़ी पार्टनरशिप की. राहुल 141 रन बनाकर आदित्य रावत की गेंद पर आउट हुए.
दूसरे दिन पहले सेशन में दोहरा शतक
पडिक्कल ने अपनी पारी जारी रखी और करुण नायर (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 129 रन और जोड़े..बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दूसरे दिन सुबह के सेशन में अपना दोहरा शतक पूरा किया. स्मरण रविचंद्रन के साथ 59 रन और जोड़ने के बाद पडिक्कल आखिरकार पार्ट-टाइमर लक्ष्य राजेश रायचंदानी का शिकार बने. राहुल, पडिक्कल के अलावा करुण नायर ने 105 गेंदों में 60 रन की पारी खेली.
पडिक्कल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 3500 रन पूरे कर लिए. 53 मैचों में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने लगभग 42 की औसत से 3,616 रन हो गए हैं.
पडिक्कल ने भारत के लिए दो टेस्ट भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक अर्धशतक बनाया है. उन्होंने 2024 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. हालांकि वह 2024 के बाद से ही टीम इंडिया से बाहर हैं. रणजी ट्रॉफी में इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने मैनेजमेंट का एक मैसेज भी दिया है.
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