भारत और साउथ अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में दूसरा और सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल को छोड़कर बाकी सभी भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशजनक रहा. जायसवाल ने पहली पारी में फिफ्टी लगाई. साउथ अफ्रीका ने कोलकाता में सीरीज का पहला मैच जीतकर सीरीज में पहले ही बढत बना ली थी. इसके बाद गुवाहाटी में भी पहली पारी में 489 रन बनाए, जिसके बाद टीम भारतीय टीम को जबरदस्त बैटिंग की जरूरत थी, मगर जायसवाल के अलावा किसी और का बल्ला नहीं चल पाया. उन्होंने 97 गेंदों में 58 रन बनाकर भारत को अच्छी शुरुआत दी और केएल राहुल के साथ 65 रन की पार्टनरशिप की.
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साइमन हार्मर के हाथों आउट होने से पहले 23 साल के जायसवाल ने अपने करियर में 20वीं बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाकर इतिहास रच दिया, जिसमें सात शतक भी शामिल हैं. यह उनके करियर का 28वां टेस्ट मैच है और उनके नाम 49.9 की औसत से 2498 रन हैं.
जायसवाल खास क्लब में शामिल
जायसवाल सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे ऐसे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने 24 साल की उम्र से पहले सबसे ज्यादा 50 से ज़्यादा स्कोर बनाए हैं और 21वीं सदी में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं. टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में सिर्फ छह खिलाड़ियों ने यह अनोखी कामयाबी हासिल की है, जिसमें एलिस्टर कुक और केन विलियमसन ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने जनरेशन बदलने के बाद से ऐसा किया है. सचिन तेंदुलकर ने अपने 24वें तक जन्मदिन तक 1989 से 1997 के बीच 29 बार टेस्ट में 50 प्लस का स्कोर किया था.
जायसवाल के सात शतक
23 साल की उम्र में जायसवाल के सात शतकों का आंकड़ा इतिहास में संयुक्त रूप से चौथा है, उनसे आगे सिर्फ़ डॉन ब्रैडमैन, सचिन तेंदुलकर और गैरी सोबर्स ही हैं. भारतीय ओपनर ने अपने सात टेस्ट शतकों में से पांच को 150+ स्कोर में बदला है, जो इस उम्र में सिर्फ़ ब्रैडमैन से बेहतर है. जायसवाल ने गुवाहाटी में 97 गेंदों में 58 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने सात चौके और एक छक्का लगाया.
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