भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) A+ कैटेगरी को हटाने के बाद 2025-26 के लिए खिलाड़ियों के सालाना रिटेनरशिप के पे स्ट्रक्चर में बदलाव कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि इस कैटेगरी के लिए एलिजिबल खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे. 2024-25 के लिए A+ कैटेगरी में रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा चार खिलाड़ी शामिल थे. इस ग्रेड के खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये दिए जाता था.
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A+ कैटेगरी के लिए किसी खिलाड़ी का तीनों फॉर्मेट का हिस्सा होना और उनमें से कम से कम एक में टॉप-10 रैंकिंग में होना जरूरी है. हालांकि अब रोहित और कोहली सिर्फ एक फॉर्मेट खेल रहे हैं और जडेजा भी T20I से रिटायर हो चुके हैं, जबकि इस कैटेगरी में से बुमराह ही एकमात्र दावेदार बचे थे तो बोर्ड ने इस कैटेगरी को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला किया. नतीजतन बुमराह और जडेजा दोनों ए प्लस से ए कैटेगरी में चले गए, जहां खिलाड़ियों को सालाना 5 करोड़ रुपये मिलते हैं.
नुकसान की भरपाई
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार BCCI जसप्रीत बुमराह को दो करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई कर सकता है. बुमराह सभी फ़ॉर्मेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं. इसके बावजूद उन्हें 'A' कैटेगरी में डाल दिया गया था. इस बदलाव के पीछे का मकसद यह पक्का करना है कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को कम से कम उतनी ही रकम मिले, जितनी उन्हें पिछले समय में मिली थी, उससे कम नहीं. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बोर्ड इस बात पर विचार कर रहा है कि बुमराह को किस तरह मुआवजा दिया जाए. उनका कहना है कि बुमराह की फीस 7 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना उनके साथ नाइंसाफी होगी. कुछ और खिलाड़ी भी हैं, जिनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निचली ग्रेड में डाल दिया गया है. हो सकता है कि खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू में कुछ बदलाव किया जाए.
अक्षर पटेल को भी मुआवजा
भारत की T20I टीम के उप-कप्तान अक्षर पटेल के मुआवजे में भी बदलाव किया जा सकता है, क्योंकि वह टीम की 'व्हाइट-बॉल' टीमों का एक अहम हिस्सा हैं. BCCI ने 'ग्रेड A' या 'ग्रेड B' में शामिल होने के लिए जो शर्तें तय की थीं, अक्षर पटेल उन सभी शर्तों को पूरा करते हैं. इसके बावजूद उन्हें 'ग्रेड C' में रखा गया है, जिसके लिए उन्हें एक करोड़ रुपये मिलेंगे. अभी यह साफ नहीं है कि BCCI ने इन शर्तों में कोई बदलाव किया है या नहीं.
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