इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने सोशल मीडिया पर सिर्फ दो शब्दों का पोस्ट करके नई बहस छेड़ दी है. स्टोक्स ने यह पोस्ट तब किया, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की उस फ़ुटेज की जांच कर रही है जिसमें स्टोक्स ने अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया था. स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का फैसला किया था. उन्होंने सोशल मीडिया पर ECB के ख़िलाफ ICC के आरोपों से जुड़ी एक रिपोर्ट शेयर की और साथ में सिर्फ दो शब्द लिखे कि उसे निकालो.
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स्टोक्स की यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और फ़ैन्स के बीच नई बहस छिड़ गई कि क्या स्टोक्स का रिटायरमेंट पूरी तरह से उनका अपना फैसला था या फिर यह इंग्लिश क्रिकेट के अंदर चल रहे बड़े तनावों के बीच लिया गया था.
वीडियो को लेकर जांच शुरू
यह विवाद ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में शूट किए गए फुटेज को लेकर है, जब स्टोक्स ने अपने साथियों को बताया था कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले रहे हैं. बाद में ECB ने टेस्ट मैच के दौरान ही चाय के ब्रेक से कुछ समय पहले सोशल मीडिया और ब्रॉडकास्टर्स को ऑडियो के साथ वह वीडियो जारी कर दिया. BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक ICC ने ECB से संपर्क किया है और आरोप लगाया है कि इस वीडियो को जारी करने से 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' (PMOA) के मिनिमम स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन हो सकता है. इन नियमों के तहत ब्रॉडकास्टिंग के मकसद से ड्रेसिंग रूम में फिक्स्ड या टेम्पररी रिकॉर्डिंग इक्विपमेंट लगाने की मनाही है.
गवर्निंग बॉडी के नियमों में यह भी कहा गया है कि खिलाड़ियों के एरिया में कैप्चर किए गए फुटेज में ऑडियो नहीं होना चाहिए या मैच खत्म होने से पहले रिलीज नहीं किया जाना चाहिए. ECB को भेजे गए एक लेटर में ICC ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि टेस्ट खत्म होने से पहले स्टोक्स के इमोशनल ड्रेसिंग-रूम स्पीच को ब्रॉडकास्ट करना उन स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन है, जो खेल के एंटी-करप्शन फ्रेमवर्क को सपोर्ट करने के लिए बनाए गए हैं.
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