चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने कन्फर्म कर दिया है कि टीम के हेड कोच के तौर पर भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान की नियुक्ति के बाद भी एमएस धोनी एक खिलाड़ी के तौर पर खेलते रहेंगे. कुछ महीने पहले आपसी सहमति से हेड कोच का पद छोड़ने वाले स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेने के लिए धोनी का नाम भी चर्चा में था. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि धोनी आधिकारिक तौर पर टीम के मेंटॉर की भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि वह कई सालों से असल में टीम के टैक्टिकल हेड की तरह काम कर रहे थे.
ADVERTISEMENT
जहीर खान CSK के हेड कोच कैसे बने, धोनी का क्या रहा रोल, कहां पिछड़े बदानी
हालांकि CSK के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने कहा कि दिग्गज विकेटकीपर के लिए ऐसी कोई भूमिका नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार विश्वनाथन ने कहा कि धोनी एक खिलाड़ी के तौर पर उपलब्ध हैं. चोट की कुछ समस्याओं के कारण धोनी IPL 2026 का पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे. उन्होंने जान-बूझकर चेपॉक में मौजूद अपनी टीम के होम ग्राउंड एमए चिदंबरम स्टेडियम जाने से भी परहेज किया.माना जाता है कि ऐसा उन्होंने इसलिए किया, ताकि युवा टीम से लाइमलाइट (ध्यान) न छिन जाए.
टीम में फैसले लेने की प्रक्रिया में अभी भी शामिल
हालांकि विश्वनाथन ने संकेत दिया कि धोनी अभी कोचिंग की भूमिका नहीं संभालेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह टीम में फैसले लेने की प्रक्रिया से दूर हो जाएंगे. टीम में उनका बहुत प्रभाव है और जहीर की नियुक्ति उनकी मंज़ूरी के बिना नहीं हुई होती. धोनी हमेशा से जहीर के बड़े प्रशंसक रहे हैं और संभवत CSK को उसके सुनहरे दिनों में वापस लाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करेंगे, इसका मतलब यह है कि जहीर को यह तय करना होगा कि CSK की प्लेइंग 11 में धोनी की क्या भूमिका होगी. 45 साल की उम्र में धोनी के रिफ्लेक्स और खेल में निरंतरता (कंसिस्टेंसी) पहले जैसी नहीं रही है और 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के बावजूद उन्हें हर मैच में खिलाना टीम के लिए कमज़ोरी बन सकता है. जहीर को धोनी के सकारात्मक प्रभाव को बनाए रखने और भावनात्मक लगाव को मैदान पर टीम की सफलता पर असर न डालने देने के बीच संतुलन बनाना होगा.
ADVERTISEMENT











