ICC ने लागू किए 5 नए नियम, T20 मैच में कोच की मैदान में एंट्री, लेग साइड वाइड, डे टेस्ट में पिंक बॉल पर लगी मुहर

अहमदाबाद में आईपीएल 2026 फाइनल के दौरान आईसीसी बोर्ड मीटिंग हुई और इसमें कुछ अहम फैसले किए गए. इनमें पांच नियमों पर मुहर लगाई गई है जानिए क्रिकेट पर इसका कितना असर पड़ेगा.

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डे टेस्ट में अब पिंक बॉल इस्तेमाल हो सकती है.

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आईसीसी ने टी20 इंटरनेशनल मैचों के दौरान 15 मिनट के ब्रेक को भी मंजूरी दी है

आईसीसी ने डे टेस्ट में खराब रोशनी के असर को कम करने के लिए पिंक बॉल से खेलने को मंजूरी दी.

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने क्रिकेट नियमों से जुड़ी कुछ सिफारिशों पर मुहर लगा दी है. अहमदाबाद में 31 मई को बोर्ड मीटिंग के दौरान इस पर फैसला लिया गया. इसके तहत दिन में होने वाले टेस्ट मैच में पिंक बॉल के इस्तेमाल, लेग साइड वाइड ट्रायल, अवैध बॉलिंग एक्शन पर हॉक आई डेटा के एक्सेस को मंजूरी दी गई. इससे आने वाले समय में क्रिकेट में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे.

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आईसीसी ने 1 जून को बयान जारी कर बताया कि बोर्ड मीटिंग ने कौनसी सिफारिशों को मंजूरी दी. इसके तहत सबसे महत्वपूर्ण दिन में होने वाले टेस्ट मैच में पिंक बॉल का इस्तेमाल है. अगर खराब रोशनी के चलते खेल में रुकावट आती है तब अंपायर दोनों टीमों की सहमति से लाल गेंद की जगह पिंक बॉल से खेल को आगे बढ़ा सकते हैं. ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि कई बार खराब रोशनी के चलते मैच में समय खराब होता है और इससे नतीजा नहीं निकल पाता है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंक दांव पर होने की वजह से इस तरह के नतीजे टीमों के लिए नुकसानदेह साबित हुए हैं.

T20I मैचों में 15 मिनट का ब्रेक, कोचिंग स्टाफ जाएगा मैदान पर

आईसीसी ने टी20 इंटरनेशनल मैचों के दौरान 15 मिनट के ब्रेक को भी मंजूरी दी है. इस दौरान टीम के हेड कोच मैदान में जाकर खिलाड़ियों से बात कर सकते हैं. हालांकि बल्लेबाजों को ब्रेक पूरा होते ही खेलने के लिए तैयार रहना होगा. अभी तक वनडे मैचों के दौरान ही ब्रेक में कोचिंग स्टाफ मैदान में जाता था.

क्या है लेग साइड वाइड ट्रायल

लेग साइड वाइड पर भी अहम फैसला हुआ है. अब अगर किसी बल्लेबाज के लेग साइड में कोई गेंद जाती है तो वह सीधे-सीधे वाइड नहीं होगी. अंपायर यह जांच कर सकेंगे कि वह बल्लेबाज से कितनी दूर है. उसके हिसाब से ही फैसला किया जाएगा. कहा जा रहा है कि एक तय लाइन रखी जाएगी और उसके अंदर अगर गेंद रहती है तो वह वाइड नहीं होगी. लेकिन इस पर फैसला मैदानी अंपायर ही लेगा. अभी इस नियम को आईसीसी ने ट्रायल पर डाला है.

इसी तरह से आईसीसी ने किसी गेंदबाज के बॉलिंग एक्शन पर संदेह होने पर मैच अधिकारियों को हॉक आई डेटा के एक्सेस का अधिकार दिया है. इसके जरिए अंपायर्स रियल टाइम में बॉलिंग एक्शन की जांच कर सकेंगे. साथ ही खराब रोशनी के चलते खेल पर पड़ने वाले बुरे असर को कम करने के लिए लाइटिंग रिसर्च को मंजूरी दी है. आईसीसी और मेरिलबॉन क्रिकेट क्लब रिसर्च व डवलपमेंट पर पैसा लगाएंगे.

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