ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर डेविड वॉर्नर ने अप्रैल में सिडनी में रैंडम ब्रेथ टेस्ट के दौरान रोके जाने के बाद शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें 9 महीने की जेल हो सकती है और भारी जुर्माना भी लग सकता है. बीबीसी के अनुसार वॉर्नर के वकील बॉबी हिल ने पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ने यह आरोप स्वीकार कर लिया है.
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पांच अप्रैल को सिडनी के पूर्वी इलाकों में सड़क किनारे रैंडम ब्रेथ टेस्ट में फेल होने के बाद वार्नर पर चार्ज लगाया गया था. बाद में पुलिस उन्हें मारौबरा पुलिस स्टेशन ले गई, जहां उनके ब्लड में एल्कोहल की मात्रा 0.104 आई, जो कानूनी लिमिट से दोगुनी से भी ज़्यादा थी. हिल ने कोर्ट को बताया कि पार्टियां फैक्ट्स पर बातचीत कर रही हैं. हिल का कहना है कि वह मानते हैं कि यह एक लापरवाही भरा फैसला था, Uber लेने के बजाय अपनी कार में बैठना एक बेवकूफी भरा फैसला था. वकील का कहना है कि उनका जुर्म प्लान B के बजाय एक बेवकूफी भरा प्लान A चुनना है.
18 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा
वॉर्नर को 18 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी. उन्हें कम से कम छह महीने के लिए ड्राइविंग पर रोक, A$2,200 तक का जुर्माना और ज़्यादा से ज़्यादा नौ महीने की जेल की सज़ा हो सकती है.
एक और विवाद में फंसे वॉर्नर
ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व ओपनर का नाम पहले भी कई बड़े विवादों में आ चुका है. 2018 में साउथ अफ्रीका में हुए बॉल-टैम्परिंग स्कैंडल की वजह से उन पर 12 महीने का बैन लगाया गया था. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पाया था कि सैंडपेपर का इस्तेमाल करके बॉल की हालत बदलने की साजिश उन्होंने ही रची थी. इस घटना के बाद उन्हें नेशनल टीम में लीडरशिप रोल के लिए हमेशा के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया गया था. 2013 में बर्मिंघम में हुई एक घटना के दौरान इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट को मुक्का मारने के बाद वॉर्नर को सस्पेंड कर दिया गया था.
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