हरमनप्रीत कौर ने भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीसरे व आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 91 रन की तूफानी पारी खेली. उन्होंने चौथे नंबर पर आकर 41 गेंद में 10 चौकों व पांच छक्कों से नाबाद 91 रन बनाए. यह उनका टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सर्वोच्च स्कोर रहा. साथ ही आठ साल बाद इस फॉर्मेट में भारत के लिए अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया. इससे भारतीय टीम ने सात विकेट पर 216 रन का स्कोर खड़ा किया. हरमनप्रीत कौर भारतीय पारी के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए इमोशनल हो गईं.
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हरमनप्रीत ने नवंबर 2018 के बाद अपना सर्वोच्च टी20 इंटरनेशनल स्कोर बनाया. रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले 103 रन उनका सर्वोच्च स्कोर था जो 9 नवंबर 2018 को न्यूजीलैंड के खिलाफ आया था. इसके बाद पिछले आठ साल में दिसंबर 2025 में श्रीलंका के सामने बनाए 68 रन उनके सर्वोच्च थे. 20 अक्टूबर को रायपुर में खेली गई पारी से पहले दूसरे नंबर पर 77 रन की पारी थी जो उन्होंने मार्च 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ खेली थी.
हरमनप्रीत ने तूफानी अर्धशतक के बाद क्या कहा
हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के सामने तूफानी पारी के बाद बताया कि वह किस तरह से बैटिंग पर काम कर रही थी. उन्होंने कहा कि पहले दो मैच के बाद उन्होने नेट्स में समय बिताया. हिमांशु भैया (हिमांशु वेइंगकर) को शुक्रिया कहना चाहेंगी जिन्होंने काफी काम किया है. आज जो भी बैटिंग रही उसमें उनका योगदान रहा. उन्होंने कहा कि तीसरे टी20 में खुलकर बैटिंग की. हरमनप्रीत ने कहा, 'अच्छा लग रहा है. आनंद लेना चाहती थी और क्रीज पर समय बिताकर अच्छा लगा. जितनी देर तक हो सके उतनी देर तक बैटिंग करना चाहती थी. इस बात की खुशी है कि ऐसा कर आई.'
हरमनप्रीत ने टीम इंडिया के पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन को भी शुक्रिया कहा. उन्होंने कहा कि मैच से पहले आपने जो कहा था उससे भी बैटिंग में मदद मिली. हरमनप्रीत ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए आखिर में इमोशनल हो गई. उन्होंने सिर नीचे कर लिया और आखिरी सवाल का उन्होंने रुंधे गले से जवाब दिया, वह बाजू से हाथ पोंछते हुए भी दिखी. जैसे ही उन्हें बताया गया कि बात पूरी हो गई है तब वह माइक को एक तरफ फेंककर चली गईं.
हरमनप्रीत कौर ने क्यों फेंका माइक
हरमनप्रीत कौर के इमोशनल होने की वजह सामने नहीं आई. मगर समझा जाता है कि उनसे हाल ही में कप्तानी से हटने को कहा गया था. वह ऐसा नहीं चाहती थी. मगर बीसीसीआई के कहने पर उन्होंने पद छोड़ दिया था. हालांकि वह तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी बनी रहना चाहती थी. खबर है कि उन्होंने बोर्ड की तरफ से दबाव बढ़ने पर टी20 फॉर्मेट छोड़कर बाकी दो में नेतृत्व जारी रखने का विकल्प दिया था. मगर बोर्ड के आला अधिकारी राजी नहीं हुए और हरमनप्रीत कौर को पद छोड़ना ही पड़ा. वह 2022 से ऑल फॉर्मेट कप्तान थी. इससे पहले 2016 में उन्हें टी20 की सबसे पहले कमान मिली थी. उनके नेतृत्व में भारत ने साल 2025 में घर पर खेले गए 50 ओवर वर्ल्ड कप को जीता था. यह भारतीय महिला टीम की पहली आईसीसी ट्रॉफी थी. हाल ही में उनकी कप्तानी में टीम ने एशियन गेम्स 2026 गोल्ड और महिला टी20 एशिया कप जीता था.
मांधना-हरमनप्रीत के बिगड़े रिश्ते!
हरमनप्रीत कौर को हटाकर बीसीसीआई ने स्मृति मांधना को भारतीय टीम की कप्तान दी. ऐसा कहा जा रहा है कि लीडरशिप में बदलाव के बाद से हरमनप्रीत और मांधना के बीच तनाव है. दोनों की बातचीत बंद है और यह टीम हडल व मैच के दौरान ग्राउंड पर भी दिखता है. विकेट गिरने पर दोनों हाई फाइव नहीं करती हैं. फील्डिंग से पहले जब टीम इंडिया की हडल होती है और मांधना बोल रही होती हैं तब हरमनप्रीत उनकी तरफ नहीं देख रही होती है. मांधना काफी सालों से हरमनप्रीत कौर की डेप्युटी थी. जब वह टीम में नहीं होती तब वही कप्तानी किया करती थी. दोनों के बीच रिश्ता भी काफी अच्छा था. इन दोनों ने मिलकर भारत के लिए कई कमाल की पारियां खेली हैं.
हरमनप्रीत की धीमी शुरुआत के बाद आतिशबाजी
हरमनप्रीत भारतीय पारी के आठवें ओवर में बैटिंग के लिए आई. उन्होंने दूसरी ही गेंद पर चौका लगाया. मगर तेजी से रन नहीं जुटा पाई. उन्होंने भारतीय पारी के 14वें ओवर से गियर बदले. इससे पहले वह 11 गेंद में 11 रन बनाकर खेल रही थी. कुडजाई चिगोरा की ओर से फेंके गए ओवर में उन्होंने 20 रन बटोरे. हरमनप्रीत ने इसमें दो छक्के व दो चौके लगाए. फिर 16वें ओवर में नोमवेलो सिबांडा को निशाने पर लिया और 14 रन बटोरे. इसमें तीन चौके लगाते हुए 25 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. हरमनप्रीत ने 17वें ओवर में बिलव्ड बिजा को दो छक्के जड़े तो 18वें से दो चौके जुटाए. आखिरी दो ओवर में दो बाउंड्री जुटा सकी. इस दौरान दूसरी तरफ से विकेट गिरते रहे. हरमनप्रीत को ऐसे में शतक के लिए जाने का मौका भी नहीं मिला.
हरमनप्रीत के अलावा ओपनर व उपकप्तान शेफाली वर्मा ने 37 गेंद में 69 रन की पारी खेली. इसमें उन्होंने छह चौके व पांच छक्के लगाए. उनके व हरमनप्रीत के बीच तीसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी हुई. भारत की केवल तीन ही बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार कर सकी. शेफाली-हरमनप्रीत के अलावा अनुष्का शर्मा ने 20 गेंद में 28 रन बनाए. कप्तान स्मृति ने बैटिंग नहीं की. इसके बाद भी भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल में अपना तीसरा सर्वोच्च स्कोर बना दिया.
भारत ने बनाया सिक्सेज उड़ाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारत की तरफ से इस मुकाबले में 11 छक्के लगाए गए. यह इस फॉर्मेट में एक पारी में तीसरे सर्वाधिक सिक्सेज हैं. रिकॉर्ड भारत के ही नाम है. उसने एशियन गेम्स 2026 में श्रीलंका के खिलाफ 13 छक्के लगाए. भारतीय टीम इस साल टी20 इंटरनेशनल में 128 छक्के लगा चुकी है. यह एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक छक्कों का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. दूसरे नंबर साउथ अफ्रीकी टीम है जिसकी तरफ से 2026 में 77 सिक्स लगे हैं.
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