भारत को एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जिताने के बाद कुछ ही दिन ही बाद हरमनप्रीत कौर ने टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ दी है. वह अब किसी भी फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी नहीं करेंगी. उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी. हरमनप्रीत ने बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग में हिस्सा लेने के अगले ही दिन कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला लिया. BCCI ने सोमवार को गुवाहाटी में भारतीय महिला टीम के साथ एक रिव्यू मीटिंग की थी, जिसमें कप्तान हरमनप्रीत कौर, उप-कप्तान स्मृति मांधना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार शामिल हुए थे. इस बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की थी.
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जून-जुलाई में इंग्लैंड में हुए T20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद महिला टीम ने जबरदस्त वापसी की और दो कॉन्टिनेंटल खिताब जीते. पहले UAE में महिला एशिया कप और फिर उसके तुरंत बाद जापान में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान थोड़ी बहुत कप्तानी बदलने की मांग उठी थी, लेकिन ऐसा कोई कदम उठाए जाने की संभावना नहीं दिख रही थी और कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर की स्थिति सुरक्षित नज़र आ रही है, मगर मीटिंग के अगले ही दिन हरमनप्रीत ने खुद ही कप्तानी छोड़कर हर किसी को हैरान कर दिया. हरमनप्रीत ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ छह मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज के लिए टीम चुने जाने से पहले यह फैसला लिया, जो शायद छह अक्टूबर को चुनी जा सकती है.
हरमनप्रीत का इमोशनल पोस्ट
हरमनप्रीत ने इमोशनल पोस्ट शेयर करके कहा कि आज मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट्स में कप्तानी छोड़ रही हूं. यह फैसला आसान नहीं है. इसमें बरसों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे. मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया है. अपना खून-पसीना, अपना समय और कई बार, अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं का भी एक हिस्सा. ऐसे पल भी आए, जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपनी तरक्की और अपनी चाहतों को एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले आती है.
बतौर कप्तान लेने पड़े मुश्किल फैसले
हरमनप्रीत ने आगे कहा कि एक कप्तान के तौर पर मुझे मुश्किल फ़ैसले लेने पड़े. ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी निजी कीमत भी चुकानी पड़ी. लेकिन मेरा हर फैसला एक ही मकसद से लिया गया था कि इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर भरोसा करने और अपना सर्वश्रेष्ठ रूप पाने का मौका देना. उन्होंने आगे कहा कि मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटने का दर्द, आलोचना, शक और ऐसे दिन देखे हैं जब कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं लग रहा था और मैंने सबसे शानदार पल भी अनुभव किए हैं.
हरमनप्रीत का आगे का प्लान
उन्होंने यह भी साफ किया कि कप्तान का पद छोड़ने का मतलब उनके इंटरनेशनल करियर का अंत नहीं है. उन्होंने कहा कि अब उनके लिए आगे बढ़ने का समय आ गया है. कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कप्तानी का दौर खत्म हुआ है, मगर सफ़र जारी है.
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत की उपलब्धियां
37 साल की इस खिलाड़ी ने 2012 में कुछ समय के लिए यह ज़िम्मेदारी संभाली थी और भारत को महिला T20I एशिया कप जिताने में मदद की थी. इसके बाद 2016 में वह पूरी तरह से T20I टीम की कप्तान बनीं और भारतीय टीम के लिए कामयाबी का एक शानदार दौर शुरू किया. 10 साल तक इस भूमिका में रहीं. 2022 में वह ODI कप्तान बनीं और 2023 में सभी फ़ॉर्मेट में टीम की कप्तान बन गईं. कप्तान के तौर पर उनके कार्यकाल में भारतीय महिला टीम की कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियां शामिल रहीं. हरमनप्रीत ने अपनी कप्तानी में 2025 में भारतीय टीम को ऐतिहासिक और पहले ICC महिला ODI वर्ल्ड कप खिताब तक पहुंचाया और क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं. भारत को 2012, 2016 और 2022 में महिला एशिया कप का खिताब जिताया, साथ ही 2022 और 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल भी दिलाया. उनकी कप्तानी में भारत ने 1999 के बाद इंग्लैंड में अपनी पहली वनडे सीरीज जीती (2022 में) और 2023 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल की. वह 150 टी20 मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी बनीं (यह उपलब्धि उन्होंने 2026 महिला एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ हासिल की) और उनके नाम कप्तान के तौर पर सबसे ज़्यादा T20I जीत का रिकॉर्ड भी है.
हरमनप्रीत ने भारत को कितने मैच जिताए?
हरमनप्रीत का भारतीय कप्तान के तौर पर कार्यकाल खत्म हो गया है. उन्होंने टीम की कप्तानी करते हुए पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 मैच खेले. उन्होंने महिला T20I में कप्तान के तौर पर सबसे ज़्यादा जीत दर्ज हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में खेले गए 155 मैचों में से 92 में जीत हासिल की है. वहीं वनडे कप्तान के रूप में 51 मैचों में से 30 में जीत हासिल की और उनके करियर का सबसे यादगार पल घरेलू मैदान पर हुए महिला विश्व कप 2025 रहा. टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने की कगार पर खड़ी टीम को हरमनप्रीत ने शानदार वापसी दिलाई और साउथ अफ्रीका को हराकर घरेलू जमीन पर खिताब जीता. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ही आखिरी कैच पकड़ा, जिससे टीम की जीत पक्की हो गई. टेस्ट मैचों में हरमनप्रीत ने पांच मैचों में टीम की कप्तानी की, जिसमें आखिरी मैच लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत थी. अब माना जा रहा है कि मांधना तीनों फॉर्मेट में हरमनप्रीत की जगह टीम की नई कप्तान बन सकती हैं.
भारत और जिम्बाब्वे का शेड्यूल
जिम्बाब्वे की टीम भारत के अपने दो सप्ताह के दौरे पर तीन वनडे और इतने ही T20I मैच खेलेगी. दौरे पर खेली जाने वाली वनडे सीरीज ICC महिला चैंपियनशिप 2025-29 का हिस्सा होगा. ज़िम्बाब्वे की टीम पहले T20I मैच खेलेगी. ये सभी मैच रायपुर में 16, 18 और 20 अक्टूबर को होंगे. इसके बाद वडोदरा में 23, 26 और 28 अक्टूबर को तीन वनडे मैच खेले जाएंगे.
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